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Cancer: लाइलाज कैंसर में हुई 10% की सर्जरी, पांच गुना बढ़ा जीवन, 10 साल अध्ययन के बाद सामने आई रिपोर्ट
Tue, 28 Apr 2026 09:15 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 28 Apr 2026 09:15 AM IST
सार
संजय गांधी पीजीआई का अध्ययन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर में प्रकाशित हुआ है। यह रिपोर्ट पित्ताशय के कैंसर के 217 रोगियों पर 10 वर्ष तक हुए अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है।
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- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
पित्ताशय का कैंसर पेट में फैलने के मामलों में भी सर्जरी संभव है। सर्जरी के बाद मरीज के जीवित रहने की अवधि भी करीब पांच गुना बढ़ सकती है। संजय गांधी पीजीआई ने 10 वर्ष के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के ताजा अंक में प्रकाशित हुआ है।
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यह अध्ययन जनवरी 2012 से दिसंबर 2022 के बीच 217 मरीजों पर किया गया। इन सभी मरीजों में पित्ताशय का कैंसर काफी बढ़ चुका था और ऑपरेशन संभव नहीं था। अध्ययन के तहत इन मरीजों को नियोएडजुवेंट उपचार (ऑपरेशन से पहले दी जाने वाली दवा या रेडियोथेरेपी) दी गई। इस प्रक्रिया के बाद 10 फीसदी मरीज ऐसे थे, जिनका बाद में सफल ऑपरेशन किया जा सका।
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ऑपरेशन से 91 फीसदी मरीजों में सर्जरी के बाद कैंसर पूरी तरह हटाया जा सका। यह भी देखा गया कि जिन मामलों में सर्जरी नहीं हो सकी, उनका औसत जीवन सिर्फ नौ महीने का ही रहा। वहीं, सर्जरी के बाद मरीजों के औसत जीवित रहने की अवधि 49 महीने पहुंची। यह अध्ययन डॉ. सुषमा अग्रवाल, डॉ. राहुल, डॉ. आशीष सिंह और डॉ. राजन सक्सेना ने किया।
कैंसर फैलने के बाद पांच वर्ष जीवित रहते हैं सिर्फ 4% मरीज
- केजीएमयू में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के डॉ. समीर गुप्ता के अनुसार, पित्ताशय कैंसर के शुरुआती चरण में लक्षण बेहद कम होते हैं। इस वजह से इसका पता काफी देर से चलता है।
- शुरुआती चरण में पता चलने पर पांच वर्ष तक जीवित रहने की दर 60 से 70 फीसदी रहती है। वहीं, कैंसर फैलने के बाद मुश्किल से चार फीसदी मरीज ही पांच वर्ष जीवित रह पाते हैं।
कम हो गया गुर्दे और लिवर में फैला कैंसर
अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि क्या इस तरह के उपचार से ट्यूमर का आकार या फैलाव इतना कम किया जा सकता है कि सर्जरी संभव हो सके। परिणामों में पाया गया कि इलाज के बाद कुछ अंगों में ट्यूमर का फैलाव विशेष गुर्दा और छोटी आंत में कम हुआ। वहीं, पित्त नलिकाओं और रक्त वाहिकाओं में फैले कैंसर में सुधार बेहद कम देखा गया।
पित्ताशय कैंसर के शुरुआती लक्षण
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द, पीलिया होना, वजन घटना, भूख न लगना, लगातार थकान, मितली और उल्टी की शिकायत, पेशाब का रंग गहरा होना, मल का रंग हल्का या मिट्टी जैसा होना, शरीर में खुजली होना, खासकर पीलिया के साथ, कभी-कभी बुखार और ठंड लगना, पेट में सूजन या गांठ।