यूपी: नौ जिलों में आचार संहिता लागू, आरोप सही होने पर मिल्कीपुर में जीत सकता है दूसरे नंबर का प्रत्याशी
By-election in UP: विधानसभा उपचुनाव वाले यूपी के 9 जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है। नौ सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान 13 नवंबर को जबकि मतगणना 23 नवंबर को होगी।
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विधानसभा उपचुनाव वाले यूपी के 9 जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है। इन सीटों के लिए 18 अक्तूबर को निर्वाचन की अधिसूचना जारी होगी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के उपबंध मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, अलीगढ़, मैनपुरी, कानपुर नगर, प्रयागराज, अंबेडकरनगर और मिर्जापुर में लागू हो गए हैं। यहां बता दें कि राज्य राजधानी क्षेत्र और नगर निगम क्षेत्र की विधानसभा सीट पर चुनाव होने पर उस विधानसभा क्षेत्र में ही आचार संहिता लागू होती है। जबकि, इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में विधानसभा उपचुनाव होने पर पूरे जिले में आचार संहिता लागू हो जाती है।
मिल्कीपुर से पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा के अधिवक्ता वापस लेंगे याचिका
केन्द्रीय चुनाव आयोग द्वारा यूपी की मंगलवार को उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनावों का ऐलान कर दिया है। 2022 विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका की वजह से चुनाव आयोग अधिसूचना में अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा में उपचुनाव की घोषणा नहीं की गई। 2022 विधानसभा चुनाव प्रक्रिया में सपा प्रत्याशी के दस्तावेजों में कानूनी चूक को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी।
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद ने भाजपा नेता बाबा गोरखनाथ को 13 हजार से अधिक वोटों से हराया था। भाजपा नेता के अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सपा नेता के दस्तावेजों में गलत हलफनामा दाखिल किया गया था। अभी सपा नेता अवधेश प्रसाद वहां से विधायक भी नहीं हैं जिस वजह से याचिका का औचित्य नहीं रह गया है। एक दो दिन में उच्च न्यायालय में याचिका को वापस लेने की अपील करेंगे।
आरोप सही होने पर दूसरे नंबर का प्रत्याशी भी घोषित हो सकता है विजयी
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2022 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी बाबा गोरखनाथ की कोर्ट में याचिका के चलते उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। बाबा गोरखनाथ ने अपनी याचिका में तब जीते सपा प्रत्याशी अवधेश प्रसाद के निर्वाचन को रद्द करने की प्रार्थना की है। साथ ही खुद को विजयी होने का प्रमाणपत्र दिलाने का आग्रह किया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अपर सॉलिसिटर जनरल केसी कौशिक ने बताया कि ऐसे मामले में कोर्ट अगर वादी के तर्कों को उचित मानती है तो दूसरे नंबर पर रहे याचिकाकर्ता को विजयी घोषित करने का आदेश भी चुनाव आयोग को दे सकती है। इस तरह की तमाम नजीरें देश में मौजूद हैं। चुनाव आयोग ने भी मिल्कीपुर में चुनाव कार्यक्रम घोषित न किए जाने की वजह यही बताई है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
यूपी की नौ सीटों पर उपचुनाव
इन सीटों पर होने हैं उपचुनाव
यूपी में करहल (मैनपुरी), सीसामऊ (कानपुर), मिल्कीपुर (अयोध्या), कटेहरी (अंबेडकरनगर), कुंदरकी (मुरादाबाद), खैर (अलीगढ़), गाजियाबाद, फूलपुर (प्रयागराज), मझवा (मिर्जापुर) और मीरापुर (मुजफ्फरनगर) पर उपचुनाव होने हैं। सीसामऊ सीट सपा विधायक इरफान सोलंकी को सजा होने से रिक्त हुई है जबकि 9 विधायक, लोकसभा सदस्य बन चुके हैं।