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Lucknow News: व्यापारी की बेटी को ढाई घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 49 हजार ठगे
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लखनऊ। ठाकुरगंज के कैंपवेल रोड निवासी व्यापारी इकबाल खान की बेटी फराह को ढाई घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 49 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है। व्यापारी ने मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इकबाल खान का कहना है कि सात फरवरी को उनकी बेटी के पास अंजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अफसर इंद्र कुमार बताया। उसने फराह से कहा कि आपके आधार कार्ड का दुरुपयोग किया गया है। इसके बाद उसने दो अन्य लोगों से बात कराई। आरोपियों ने व्हाट्सएप की प्रोफाइल फोटो पर पुलिस का लोगो लगा रखा था।
फराह को जेल भेजने का दबाव बनाकर आरोपियों ने कहा कि बैंक खाते की जांच होगी। खाते में जो भी रकम है उसे भेजो। पड़ताल के बाद रकम वापस कर दी जाएगी। आरोपियों ने किसी से भी इसकी जानकारी साझा न करने के लिए कहा।
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झांसे में आकर फराह ने यूपीआई ट्रांजेक्शन से तीन बार में 49 हजार रुपये दे दिए। डिजिटल अरेस्ट की बात कहकर आरोपी 50 हजार रुपये और भेजने का दबाव बनाने लगे। इससे इन्कार पर गाली गलौज की और फोन काट दिया। परेशान फराह ने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई। आरोप है कि पुलिस ने इकबाल की तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया। इस पर उन्होंने कोर्ट में अर्जी दी, फिर उनका केस दर्ज किया गया।
ऐसे बचें डिजिटल अरेस्ट से
अगर आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। फोन करने वाला यह कहे कि आपके नाम से बुक पार्सल कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है... तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
यहां करें शिकायत
यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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इकबाल खान का कहना है कि सात फरवरी को उनकी बेटी के पास अंजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अफसर इंद्र कुमार बताया। उसने फराह से कहा कि आपके आधार कार्ड का दुरुपयोग किया गया है। इसके बाद उसने दो अन्य लोगों से बात कराई। आरोपियों ने व्हाट्सएप की प्रोफाइल फोटो पर पुलिस का लोगो लगा रखा था।
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फराह को जेल भेजने का दबाव बनाकर आरोपियों ने कहा कि बैंक खाते की जांच होगी। खाते में जो भी रकम है उसे भेजो। पड़ताल के बाद रकम वापस कर दी जाएगी। आरोपियों ने किसी से भी इसकी जानकारी साझा न करने के लिए कहा।
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झांसे में आकर फराह ने यूपीआई ट्रांजेक्शन से तीन बार में 49 हजार रुपये दे दिए। डिजिटल अरेस्ट की बात कहकर आरोपी 50 हजार रुपये और भेजने का दबाव बनाने लगे। इससे इन्कार पर गाली गलौज की और फोन काट दिया। परेशान फराह ने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई। आरोप है कि पुलिस ने इकबाल की तहरीर पर केस दर्ज नहीं किया। इस पर उन्होंने कोर्ट में अर्जी दी, फिर उनका केस दर्ज किया गया।
ऐसे बचें डिजिटल अरेस्ट से
अगर आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। फोन करने वाला यह कहे कि आपके नाम से बुक पार्सल कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कर कार्रवाई की जा रही है... तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
यहां करें शिकायत
यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।