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अफसर फेर रहे अखिलेश की नीतियों पर पानी
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
Updated Sun, 27 Oct 2013 02:00 AM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव निवेशकों के लिए चाहे जितनी सहज नीतियां लाएं, अफसरों को उद्यमियों के साथ अच्छे बर्ताव का पाठ पढ़ाएं, लेकिन सूबे के अफसर अपना रवैया बदलने को तैयार नहीं हैं।
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राजधानी लखनऊ में ही अधिकारियों के रवैये से नाराज हैदराबाद के एक उद्यमी ने जब वापसी के लिए अपना बोरिया-बिस्तर बांध लिया तब जाकर शासन हरकत में आया।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) आलोक रंजन ने संबंधित अफसरों को तलब कर 20 मिनट में कई विभागों की एनओसी दिलाई।
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जिन विभागों की एनओसी तत्काल संभव नहीं थी, उन्हें 31 अक्तूबर तक का मौका दिया गया है।
दरअसल, आंध्र प्रदेश की एक बीज उत्पादक कंपनी नुजीवीडू सीड्स बंथरा में 50 हजार क्विंटल क्षमता की इकाई लगाना चाहती थी।
इसके लिए कंपनी ने लखनऊ जिला प्रशासन के विभिन्न कार्यालयों में एनओसी के लिए आवेदन किया था। लंबे अरसे तक निर्णय न होने से कंपनी ने अपना बोरिया-बिस्तर समेटना शुरू कर दिया।
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इसी बीच कंपनी के महाप्रबंधक ऋषि अरोड़ा ने यहांसे जाने के पहले आईआईडीसी को पूरी स्थिति से अवगत कराने का फैसला किया।
आईआईडीसी को जब पता चला कि विभागों से क्लीयरेंस न मिलने की वजह से उद्यमी वापस जा रहा है तो उन्होंने शासन व जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को उद्यमी की पत्रावली के साथ तलब कर लिया।
शुक्रवार को करीब 20 मिनट की बैठक में जिला उद्योग केंद्र, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नेशनल हार्टीकल्चर बोर्ड व बिजली विभाग ने उद्यमी को अनुमोदन व एनओसी दे दी।
लीडा और अग्निशमन विभाग को एनओसी केलिए 31 अक्तूबर की डेडलाइन तय कर दी गई है। इसके बाद उद्यमी ने अपने प्रोजेक्ट को और विस्तृत स्वरूप में स्थापित करने की बात कही।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि देबाशीष पण्डा, विशेष सचिव कृषि निखिल चंद्र शुक्ला, निदेशक उद्योग सर्वेश शुक्ला, कंपनी के महाप्रबंधक ऋषि अरोड़ा, कंसल्टेंट डॉ. आरपी सिंह व स्थानीय प्रबंधक विनय चौरसिया आदि उपस्थित रहे।