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Lucknow News: रक्षाबंधन पर बसों में उमड़ी बंपर भीड़, ट्रेनें भी खचाखच
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बसों में भीड़।
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लखनऊ। रक्षाबंधन पर शुक्रवार को रोडवेज बसों और ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ रही। बसों में क्षमता से दोगुने तक यात्री सवार हुए। उमस और गर्मी के बीच यात्रियों ने पसीने से तरबतर होकर सफर पूरा किया। बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों से लेकर हाईवे व एक्सप्रेसवे तक वाहनों का रेला नजर आया। इससे बसों की रफ्तार धीमी रही और यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा।
प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं और उनके एक सहयात्री के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी थी। इसके चलते बृहस्पतिवार से ही कैसरबाग, अवध और आलमबाग बस अड्डों पर भीड़ बढ़ने लगी थी। शुक्रवार को यह भीड़ और बढ़ गई। रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र ने 957 बसों का संचालन किया। बसें अड्डों पर पहुंचते ही यात्रियों से भरकर रवाना हो रही थीं। व्यवस्था संभालने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
बहराइच, लखीमपुर, सीतापुर समेत कई रूटों पर भीड़ को देखते हुए बसों का नॉनस्टॉप संचालन किया गया, जिससे यात्रियों को राहत मिली। लखनऊ परिक्षेत्र से तीन दिनों में 205,218 यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की।
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यात्री बेहोश, महिला डॉक्टर ने की मदद
कैसरबाग बस अड्डे पर बहराइच जाने वाली बस में सवार होने पहुंचे एक यात्री बेहोश हो गया। इसी बीच बस में मौजूद महिला डॉक्टर ने यात्री का इलाज किया। भीड़ के कारण कई बसों में यात्रियों को घुटनभरे माहौल में सफर करना पड़ा।
ट्रेनें फुल, एसी कोच में पहुंचे जनरल के यात्री
चारबाग और लखनऊ जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। गोरखपुर, सीतापुर, लखीमपुर, हरदोई, कानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, वाराणसी, सुलतानपुर, बाराबंकी और गोंडा जाने वाली ट्रेनों में जनरल कोच फुल रहे। जगह न मिलने पर कई यात्री एसी कोच में पहुंच गए, जिससे कहासुनी भी हुई।
विमानों से मिली राहत
मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और अन्य शहरों से लखनऊ आने वाले यात्रियों ने ट्रेन की लंबी वेटिंग से बचने के लिए हवाई सफर का सहारा लिया। मुंबई की उड़ानें सात-आठ हजार और दिल्ली की चार-पांच हजार रुपये में उपलब्ध रहीं।
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प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं और उनके एक सहयात्री के लिए निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी थी। इसके चलते बृहस्पतिवार से ही कैसरबाग, अवध और आलमबाग बस अड्डों पर भीड़ बढ़ने लगी थी। शुक्रवार को यह भीड़ और बढ़ गई। रोडवेज लखनऊ परिक्षेत्र ने 957 बसों का संचालन किया। बसें अड्डों पर पहुंचते ही यात्रियों से भरकर रवाना हो रही थीं। व्यवस्था संभालने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
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बहराइच, लखीमपुर, सीतापुर समेत कई रूटों पर भीड़ को देखते हुए बसों का नॉनस्टॉप संचालन किया गया, जिससे यात्रियों को राहत मिली। लखनऊ परिक्षेत्र से तीन दिनों में 205,218 यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की।
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यात्री बेहोश, महिला डॉक्टर ने की मदद
कैसरबाग बस अड्डे पर बहराइच जाने वाली बस में सवार होने पहुंचे एक यात्री बेहोश हो गया। इसी बीच बस में मौजूद महिला डॉक्टर ने यात्री का इलाज किया। भीड़ के कारण कई बसों में यात्रियों को घुटनभरे माहौल में सफर करना पड़ा।
ट्रेनें फुल, एसी कोच में पहुंचे जनरल के यात्री
चारबाग और लखनऊ जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। गोरखपुर, सीतापुर, लखीमपुर, हरदोई, कानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, वाराणसी, सुलतानपुर, बाराबंकी और गोंडा जाने वाली ट्रेनों में जनरल कोच फुल रहे। जगह न मिलने पर कई यात्री एसी कोच में पहुंच गए, जिससे कहासुनी भी हुई।
विमानों से मिली राहत
मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और अन्य शहरों से लखनऊ आने वाले यात्रियों ने ट्रेन की लंबी वेटिंग से बचने के लिए हवाई सफर का सहारा लिया। मुंबई की उड़ानें सात-आठ हजार और दिल्ली की चार-पांच हजार रुपये में उपलब्ध रहीं।

बसों में भीड़।

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