लखनऊ में एक के बाद एक कई इलाकों में मकान ढहे, चार की मौत
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राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही बारिश शुक्रवार को जानलेवा हो गई। जर्जर मकान व दीवार ढहने से हुसैनगंज व नाका में दो मासूमों सहित 4 की मौत हो गई। छह से अधिक लोग घायल हो गए। हादसों में हुसैनगंज में तीन और नाका में एक की जान चली गई। पुलिस व स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। सरकार ने मृतकों के परिवार को 4-4 लाख जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद की घोषणा की है। हादसे के बाद जागे प्रशासन ने 113 जर्जर मकानों को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया है।
यहां भी हुए हादसे
-अमीनाबाद में बताशे वाली गली में करीब 100 साल पुराने मकान की दीवार गिर गई।
- निशातगंज की दूसरी गली में मकान गिरने से एक बच्ची हर्षिता घायल हो गई।
-पारा में 8 साल के एक बच्चे की प्लॉट में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई।
हुसैनगंज : दो किरायेदारों की मौत का सबब बन गया जर्जर मकान
हुसैनगंज के मुरलीनगर स्थित शीशे वाली मस्जिद के पास शुक्रवार दोपहर 12.30 बजे मोहर्रम अली का पूरा मकान गिर गया। इसके मलबे में दबकर किरायेदार इम्तियाज (25) और शहाबुद्दीन (26) की मौत हो गई। वहीं चांद उर्फ अफसर, मोहर्रम अली का बेटा नदीम और अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रभारी निरीक्षक हुसैनगंज आनंद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि बहराइच के कैसरगंज के रहने वाले इम्तियाज, शहाबुद्दीन और चांद हुसैनगंज चौराहे पर अंडा रोल का ठेला लगाते थे।
स्कूल जा रही थी मासूम, मौत बनकर गिरी दीवार
हुसैनगंज के ही लालकुआं के पास भेड़ी मंडी कुंदनलाल का हाता है। यहां पर सब्जी विक्रेता दिनेश रावत परिवार सहित रहते हैं। पत्नी निर्मला शुक्रवार सुबह बेटे विराज के साथ बेटी वैष्णवी (5) को स्कूल छोड़ने जा रही थी। वैष्णवी पीछे चल रही थी। इसी बीच 100 फीट लंबी दीवार भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर वैष्णवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे पहले सिविल अस्पताल फिर ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहां दोपहर तीन बजे उसकी मौत हो गई।