अखिलेश की नजर अब छोटी टाउनशिप पर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार शहरों में छोटे टाउनशिप बसाने को बढ़ावा दे रही है। इंटीग्रेटेड टाउनशिप के तहत और बिल्डरों को मौका देने के लिए लाइसेंस प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है।
विकास प्राधिकरण निजी बिल्डरों को लाइसेंस देने के लिए उनसे आवेदन मांगेंगे। प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने बुधवार को शासनादेश जारी करते हुए विकास प्राधिकरण उपाध्यक्षों को निर्देश दे दिया है।
उन्होंने कहा है कि इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना के तहत निजी बिल्डरों को लाइसेंस देने के लिए निर्धारित प्रारूप पर आवेदन लिए जाएंगे। पात्रता की श्रेणी में आने वालों को लाइसेंस दिया जाएगा।
लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र निरस्त करने पर उसे इसकी सूचना तय अवधि में दी जाएगी। बिल्डरों को वर्ष 2014 में जारी नीति के आधार पर लाइसेंस दिया जाएगा ताकि टाउनशिप विकसित होने के बाद जरूरतमंदों को मकान मिल सके।
25 एकड़ जमीन पर भी बनेगी टाउनशिप
गौरतलब है, राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र में आवासीय कालोनियां बनाने के लिए इसी साल संशोधित इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति बनाई है।
इसके तहत 25 एकड़ जमीन पर भी टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस दिया जाएगा। पहले इसके लिए न्यूनतम 100 एकड़ जमीन की अनिवार्यता थी।
इसी तरह लाइसेंस लेने के लिए सालाना कारोबार की अनिवार्यता भी कम कर दी गई है। इसके आधार पर विकास प्राधिकरण अब लाइसेंस देंगे।