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Lucknow News: छह महीने से बंद योजनाओं को मिली बजट की संजीवनी
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लखऊ। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने 24 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इनमें से पांच करोड़ योजनाओं पर खर्च होंगे। बाकी रकम डॉक्टरों व स्टाफ के वेतन व अन्य मदों के लिए मिली है। बजट ने उन योजनाओं को संजीवनी दे दी है, जो छह महीने से बंद थीं। इससे मरीज और खात तौर पर गर्भवती महिलाएं परेशान थीं।
ई वाउचर और टीबी मरीजों की पोषण राशि समेत अन्य भुगतान के निर्देश जिला स्वास्थ्य समिति को दिए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि योजनाओं का लंबित भुगतान कराया जाना शुरू किया गया है।
छह माह से नहीं बन रहे थे ई वाउचर
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को सभी सीएचसी पर सत्र लगता है। इसमें गर्भवती महिलाओं के लिए ई वाउचर बनाए जाते हैं। इनके जरिये गर्भवती नजदीकी केंद्र पर मुफ्त जांच कराती हैं। बजट के अभाव में यह योजना छह माह से बंद थी। गर्भवती महिलाओं को मजबूरन निजी केंद्र जाना पड़ रहा था। सीएमओ का कहना है सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्र में ई वाउचर जनरेट करे। नए नियम के तहत भुगतान मैनुअल तरीके से केंद्रों को होगा।
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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का नहीं हो रहा था भुगतान
सीएमओ के अधीन 108 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चल रहे हैं। सात महीने से इनके भवन का किराया और बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ था। इस कारण भवन मालिक सीएमओ ऑफिस के चक्कर लगा रहे थे। दिसंबर में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी। बजट मिलने पर अब किराये का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीबी रोगियों के खाते में भेजी जाएगी रकम
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार रोगियों को इलाज के दौरान हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में भेजती है। पांच माह से किसी भी टीबी रोगी को पोषण भत्ते की रकम नहीं मिली थी। सीएमओ ने बताया कि हफ्ते भर में रकम खातों में पहुंच जाएगी।
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ई वाउचर और टीबी मरीजों की पोषण राशि समेत अन्य भुगतान के निर्देश जिला स्वास्थ्य समिति को दिए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि योजनाओं का लंबित भुगतान कराया जाना शुरू किया गया है।
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छह माह से नहीं बन रहे थे ई वाउचर
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को सभी सीएचसी पर सत्र लगता है। इसमें गर्भवती महिलाओं के लिए ई वाउचर बनाए जाते हैं। इनके जरिये गर्भवती नजदीकी केंद्र पर मुफ्त जांच कराती हैं। बजट के अभाव में यह योजना छह माह से बंद थी। गर्भवती महिलाओं को मजबूरन निजी केंद्र जाना पड़ रहा था। सीएमओ का कहना है सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्र में ई वाउचर जनरेट करे। नए नियम के तहत भुगतान मैनुअल तरीके से केंद्रों को होगा।
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हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का नहीं हो रहा था भुगतान
सीएमओ के अधीन 108 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चल रहे हैं। सात महीने से इनके भवन का किराया और बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ था। इस कारण भवन मालिक सीएमओ ऑफिस के चक्कर लगा रहे थे। दिसंबर में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी। बजट मिलने पर अब किराये का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीबी रोगियों के खाते में भेजी जाएगी रकम
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार रोगियों को इलाज के दौरान हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में भेजती है। पांच माह से किसी भी टीबी रोगी को पोषण भत्ते की रकम नहीं मिली थी। सीएमओ ने बताया कि हफ्ते भर में रकम खातों में पहुंच जाएगी।