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पंचायत प्रतिनिधियों को सरकार का झटका, नहीं बढ़ा बजट

Thu, 04 Feb 2016 01:43 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 04 Feb 2016 01:43 AM IST
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Budget for district policies in UP.

त्रिस्तरीय ग्रामीण पंचायतों के नए प्रतिनिधि यदि अपने क्षेत्र और जिले के लिए बड़े-बड़े सपने लेकर आए हैं तो उन्हें मायूस होना पड़ेगा। वर्ष 2016-17 की जिला योजनाओं के लिए राज्य संसाधनों से दिए जाने वाले बजट में चालू वित्त वर्ष के मुकाबले एक पाई की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है।

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सरकार ने वित्त 2015-16 में जिलों के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया था, अगले वित्त वर्ष के लिए भी इतना ही आवंटन का प्रस्ताव है।

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिलों की विकास योजना का निर्धारण राज्य के संसाधनों से उपलब्ध होने वाले पैसे और जिला पंचायत व नगर निकायों के आंतरिक संसाधनों को जोड़ते हुए किया जाता है।
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इस बार जिला योजना में राज्य संसाधनों से दिए जाने वाले कुल बजट प्रस्तावों में कोई बदलाव न होने से कई जिलों में राज्य संसाधनों की हिस्सेदारी चालू वित्त वर्ष से भी घट गई है।
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वित्तीय वर्ष 2014-15 में राज्य संसाधनों से जिला योजना के लिए 10999.90 करोड़ का बजट प्रस्तावित हुआ था, मगर 2015-16 में इसमें करीब ढाई गुना बढ़ोतरी कर इसे 25000 करोड़ रुपये कर दिया गया। वहीं, वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 25000 करोड़ के आवंटन प्रस्ताव को जिला विकास के लिहाज से बड़ा झटका बताया जा रहा है।

जिला योजना में राज्य संसाधन का प्रस्ताव

Budget for district policies in UP.

2014-15--10999.90 करोड़
2015-16--25000 करोड़
2016-17--25000 करोड़

इस बार घट गई कई जिलों में हिस्सेदारी (रकम करोड़ रुपये)
जिला--2014-15--2015-16--2016-17
लखनऊ--192.13--407.86--405.92
रायबरेली--136.79--362.48--360.09
सीतापुर--240.03--544.99--544.31
फैजाबाद--150.29--343.45--341.34

अंबेडकरनगर--122.01--279.83--278.45
सुल्तानपुर--124.34--286.03--285.14
अमेठी--236.92--482.97--475.79
बाराबंकी--167.06--380.02--379.04
गोंडा--170.35--387.89--386.56

बलरामपुर--123.23--280.03--278.61
बहराइच--157.81--360.30--360.26
श्रावस्ती--940.70--213.89--213.87
हरदोई--242.56--547.94--545.23
उन्नाव--186.29--424.28--422.07

आचार संहिता की वजह से देरी

Budget for district policies in UP.

प्रदेश सरकार ने अगले वित्त वर्ष की कार्ययोजना पिछले दिसंबर तक ही तैयार कराने की योजना बनाई थी, मगर पंचायत चुनावों की आदर्श आचार संहिता की वजह से विभिन्न स्तरों पर बैठकें नहीं हो सकीं।

शासन ने जिलाधिकारियों व मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अब जिला योजना को तेजी से अंतिम रूप दिलाएं।

इस तरह बनेगी जिला विकास योजना
सभी ग्राम पंचायतें अपनी विकास योजना बनाकर क्षेत्र पंचायत को देंगी। क्षेत्र पंचायतें अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं को शामिल करते हुए क्षेत्र की विकास योजना बनाकर जिला पंचायत को देगी। जिलों के नगरीय निकाय अपनी विकास योजनाएं तैयार कर सीधे जिला योजना समिति को भेजेंगे।

जिला योजना समिति जिला पंचायत व नगरीय स्थानीय निकायों से प्राप्त विकास योजनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श कर उसे अंतिम रूप देगी।

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