रायबरेली ब्राह्मणों की हत्या पर सरकार को घेरेगी बसपा
रायबरेली के ऊंचाहार में पांच लोगों की हत्या को बसपा ने मुद्दा बनाने का फैसला किया है। घटना को लेकर भाजपा के ही मंत्रियों में आरोप-प्रत्यारोप बढ़ने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस मामले पर पार्टी का रुख साफ किया है। उन्होंने विधायकों को सदन में मामले को जोर-शोर से उठाने का निर्देश दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बसपा विधानमंडल दल की बैठक के ठीक पहले इस मामले पर पार्टी की रणनीति का एलान किया। उन्होंने इस घटना को ब्राह्मण कार्ड के रूप में चलने का दांव चला है।
मायावती ने कहा है कि ऊंचाहार में ब्राह्मण समाज के पांच युवकों की हत्या से साफ है कि प्रदेश में जंगल राज कायम होता जा रहा है। इस घटना से ब्राह्मणों में भारी आक्रोश है।
उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र को पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देने और इंसाफ दिलाने के लिए भरपूर प्रयास करने का भरोसा देने को कहा है।
भाजपा सरकार के मंत्री भी मान रहे 'नरसंहार'
इसके साथ ही बसपा सुप्रीमो ने अपनी पार्टी के विधायकों को मंगलवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में भी ऊंचाहार हत्याकांड को जोरदार ढंग से उठाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा है कि जिस घटना को खुद बीजेपी सरकार के मंत्री’ नरसंहार’ मान रहे हैं, योगी सरकार उस पर भी राजनीति कर रही है। इसके साथ ही मायावती ने प्रदेश में बाढ़ की गंभीर होती स्थिति को गंभीरता से न लेने का आरोप भी सरकार पर लगाया है।
बसपा की रणनीति
रायबरेली की घटना पर करीब 15 दिन तक चुप बैठी रही बसपा ने काफी सोच-विचार कर इसे मुद्दा बनाने का फैसला किया है। इस मामले में योगी सरकार के दो मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक आमने-सामने हैं। ये दोनों ही बसपा से भाजपा में गए हैं। इसीलिए बसपा इस मुद्दे को गरमाए रखना चाहती है।