कहीं ये बसपाई तूफान के पहले की शांति तो नहीं
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फिलहाल शांत नजर आ रहे बसपाई आखिर कर क्या रहे हैं। कहीं ये बसपाई तूफान के पहले की शांति तो नहीं है। जी हां बसपा पंचायत चुनाव में पूरी तैयारी के साथ उतरना चाहती है जिसके लिए संगठन के पुर्ननिर्माण का काम चल रहा है।
बसपा ने बूथ व सेक्टर स्तर तक के संगठन के गठन का काम हर हाल में सितंबर तक पूरा करने का फैसला किया है।
इसके अलावा पार्टी कानून-व्यवस्था व जनता के उत्पीड़न से जुड़े मामलों में सरकार को हर स्तर पर बेनकाब करने का काम करेगी।
शुक्रवार को बसपा प्रदेश कार्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर की अध्यक्षता में संगठन के जोनल व मंडल कोआर्डिनेटरों की बैठक हुई।
चुनाव बाद हुआ इतना काम
इस बैठक में राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी व स्वामी प्रसाद मौर्य, पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज व जोनल कोआर्डिनेटर सुनील चित्तौड़ आदि उपस्थित रहे।
यहां बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देशानुसार बूथ व सेक्टर स्तर पर संगठन के गठन की समीक्षा की गई। इसमें जोनल व मंडल कोआर्डिनेटरों ने विस्तृत रिपोर्ट दी।
पता चला चुनाव के बाद से अब तक करीब 50 प्रतिशत सेक्टर व 25 प्रतिशत बूथों का गठन हो सका है। प्रदेश अध्यक्ष ने पुनर्गठन का काम हर हाल में दो महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में अलीगढ़, हाथरस, सहारनपुर, मोहनलालगंज व मेरठ सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव बाद घटी घटनाओं पर चर्चा हुई।
पंचायत चुनाव जीतना मकसद
कोआर्डिनेटरों से कहा गया कि वे आगे भी किसी भी तरह की घटना की तत्काल सूचना प्रदेश मुख्यालय के पदाधिकारियों को देंगे और स्वयं जिला व मंडल के पदाधिकारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर वहां लोगों को न्याय दिलाने का काम करेंगे।
इसमें उच्चाधिकारियों से मिलना और सही तथ्य रखकर कार्रवाई कराना शामिल है। प्रदेश मुख्यालय के नेता डीजीपी व प्रमुख सचिव गृह आदि से संपर्क कर पार्टी की ओर से मामले उठाएंगे।
इसके अलावा अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के संबंध में तय हुआ कि परिसीमन कार्यवाही पर नजर रखी जाए और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी हो तो तत्काल जानकारी दी जाए। पार्टी पंचायत चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ेगी और समर्थित प्रत्याशी उतारेगी।