फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   bsp statement on government

बसपा आक्रामक मूड में, सरकार से टकराव को तैयार

Mon, 16 Sep 2013 01:31 AM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
महेंद्र तिवारी/लखनऊ Updated Mon, 16 Sep 2013 01:31 AM IST
विज्ञापन
bsp statement on government

मुख्य विपक्षी दल बसपा रविवार को आक्रामक मूड में दिखी। उसने साफ कर दिया कि सोमवार से सदन किस तरह चलेगा यह सरकार के रवैये पर निर्भर करेगा।

विज्ञापन


यदि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देगी तो हम विपक्ष की जोरदार भूमिका निभाते हुए उसे कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करेंगे। उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
विज्ञापन


विधानमंडल सत्र की पूर्व संध्या पर नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य व विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पत्रकारों से बात की।

मौर्य ने कहा, सरकार ने सांप्रदायिक शक्तियों से मिलकर मुजफ्फरनगर में दंगे कराए। बसपा शासनकाल में हिंदू-मुस्लिम का जो सौहार्द कायम था, वह सपा सरकार में लगातार होते दंगों से तार-तार हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सांप्रदायिक शक्तियां सरकार के इशारे पर सौहार्द तोड़ने में लगी हैं। प्रदेश गुंडों, अराजकतत्वों के हवाले है और प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त है। बाढ़ से हजारों लोगों की कमर टूट गई।

बिजली व्यवस्था चरमराई है। पर सपा सरकार मौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ जनता की गाढ़ी कमाई लूटने में लगी है, उसका जनता से कोई लेना-देना नहीं। बसपा ऐसी सरकार को सदन में बेनकाब करेगी। मौर्य का कहना है कि पीठ निष्पक्ष होती है। सभी दल के लोग आसन का सम्मान करते हैं।

पर विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में होने वाली कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक में नेता सदन व संसदीय कार्यमंत्री की अनुपस्थिति से लगता है कि सत्तापक्ष का अध्यक्ष पर भरोसा नहीं रह गया है।

विपक्ष लोकतांत्रिक परंपराओं को मानता है और उन्होंने अध्यक्ष की बैठकों में शामिल होकर उसे कायम रखा है। मौर्य ने कहा, नेता सदन अपरिहार्य परिस्थितियों में ऐसी बैठकों से बाहर रह सकता है लेकिन शायद यह पहला मौका होगा कि अध्यक्ष की बुलाई बैठक में संसदीय कार्यमंत्री उपस्थित नहीं हुए।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि गन्ना बकाया, कानून-व्यवस्था, बाढ़ से बदहाली, दिमागी बुखार, राजधानी में डेंगू का कहर, अस्पतालों की दुर्दशा, सड़कों की बदहाली जैसे मुद्दे हम जोरशोर से उठाए जाएंगे।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा,विपक्ष शांति से सदन चलाना चाहता है लेकिन यदि सरकार हमारे सवालों का जवाब नहीं देगी तो सदन में व्यवधान होने से वह इन्कार नहीं करते।

सिद्दीकी ने मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने वहां के दंगे में बाहरी लोगों के आने की बात कही थी।

सिद्दीकी ने कहा, वह टीवी पर मुजफ्फरनगर में सीएम की प्रेस कांफ्रेंस देख रहे थे। मुख्यमंत्री बोल रहे थे कि दंगाई बाहर से भी आए। सवाल है कि दंगाई बाहर से आए, दंगा करते रहे और उनका प्रशासन उसे देखता रहा।


सीएम को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा, 27 से शुरू दंगा 12-13 दिन तक होता रहा और सरकार सोती रही। उन्होंने दावा किया कि दंगे में 700-800 लोग मारे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने दंगा रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।

उसकी शह पर दंगे हुए। सरकार कहती है कि उसने अफसरों को बदल दिया। जनता को अफसर बदलने से कोई मतलब नहीं। जनता को शांति चाहिए। सरकार लोकसभा चुनाव के पहले दंगे कराती रहेगी। ऐसे में अमनपसंद लोगों को सतर्क रहना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed