फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   BSP followers are happy with Samajwadi Party but still doubtful.

Samajwadi Party: अखिलेश यादव की तरफ उम्मीदभरी नजरों से देख रहे कांशीराम के अनुयायी पर नहीं कर पा रहे भरोसा

Tue, 04 Apr 2023 10:48 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 04 Apr 2023 10:48 AM IST
सार

कांशीराम के अनुयायी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि सत्ता मिलने के बाद भी अखिलेश यादव दलित समाज के हितों का ध्यान रखेंगे इसमें संशय है।

विज्ञापन
BSP followers are happy with Samajwadi Party but still doubtful.
कांशीराम की प्रतिमा का अनावरण करते अखिलेश यादव। (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

रायबरेली के मान्यवर कांशीराम महाविद्यालय में बसपा संस्थापक कांशीराम की मूर्ति लगने से उनके अनुयायियों में खुशी हैं। वे सपा की ओर उम्मीदभरी निगाह से देख रहे हैं, लेकिन पूरी तरह से भरोसा कर पाएंगे इस पर संशय है।

विज्ञापन


जनसभा में पहुंचे उन्नाव के बैजू दलित शोषित समाज संघर्ष समिति (डीएस 4) से जुड़े रहे हैं। कांशीराम की मूर्ति लगने की सूचना पर वह जनसभा में पहुंचे। कहते हैं कि अखिलेश यादव भरोसा दे रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य सहित अन्य बसपा पृष्ठभूमि वाले नेता उनके साथ हैं, लेकिन सत्ता मिलने पर भी दलित हितों की रक्षा करेंगे, इस पर संशय है।

विज्ञापन

 

ये भी पढ़ें - अब राहें जुदा: यहां से शुरू हुई थी मंत्री दयाशंकर और स्वाति सिंह की लव स्टोरी, 11 साल में 3 बार तलाक की अर्जी

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - जुदा हुई राहें: 22 साल पुराने प्रेम के बंधन की डोर टूटी, एक- दूसरे से अलग हुए स्वाति और मंत्री दयाशंकर सिंह


अमेठी से आए राजितराम वर्मा इस बात से खुश हैं कि स्वामी प्रसाद मौर्य मिशन के काम को आगे बढ़ा रहे हैं। वह कहते हैं कि स्वामी प्रसाद के भाजपा में जाने पर संबंध खत्म कर लिए थे, लेकिन जब से भाजपा से नाता तोड़ा है तो फिर से संबंध जुड़ गए हैं। यही वजह है कि कार्यक्रम में आए हैं। राजितराम भी पशोपेश में हैं कि वह अगले चुनाव में बसपा के साथ खड़े रहें, अथवा सपा के साथ जाएं।

रायबरेली के भीलमपुर निवासी भरतलाल मौर्य बसपा के कार्यकर्ता रहे हैं। वह कहते हैं कि उनकी बिरादरी हर पार्टी में है, लेकिन बसपा कैडर के लोगों ने अभी साथ नहीं छोड़ा है। यही वजह है कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी पार्टी को 12 फीसदी से ज्यादा वोट मिल रहा है। हालांकि वह मायावती के रवैए से नाराज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed