Samajwadi Party: अखिलेश यादव की तरफ उम्मीदभरी नजरों से देख रहे कांशीराम के अनुयायी पर नहीं कर पा रहे भरोसा
कांशीराम के अनुयायी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि सत्ता मिलने के बाद भी अखिलेश यादव दलित समाज के हितों का ध्यान रखेंगे इसमें संशय है।
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रायबरेली के मान्यवर कांशीराम महाविद्यालय में बसपा संस्थापक कांशीराम की मूर्ति लगने से उनके अनुयायियों में खुशी हैं। वे सपा की ओर उम्मीदभरी निगाह से देख रहे हैं, लेकिन पूरी तरह से भरोसा कर पाएंगे इस पर संशय है।
जनसभा में पहुंचे उन्नाव के बैजू दलित शोषित समाज संघर्ष समिति (डीएस 4) से जुड़े रहे हैं। कांशीराम की मूर्ति लगने की सूचना पर वह जनसभा में पहुंचे। कहते हैं कि अखिलेश यादव भरोसा दे रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य सहित अन्य बसपा पृष्ठभूमि वाले नेता उनके साथ हैं, लेकिन सत्ता मिलने पर भी दलित हितों की रक्षा करेंगे, इस पर संशय है।
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अमेठी से आए राजितराम वर्मा इस बात से खुश हैं कि स्वामी प्रसाद मौर्य मिशन के काम को आगे बढ़ा रहे हैं। वह कहते हैं कि स्वामी प्रसाद के भाजपा में जाने पर संबंध खत्म कर लिए थे, लेकिन जब से भाजपा से नाता तोड़ा है तो फिर से संबंध जुड़ गए हैं। यही वजह है कि कार्यक्रम में आए हैं। राजितराम भी पशोपेश में हैं कि वह अगले चुनाव में बसपा के साथ खड़े रहें, अथवा सपा के साथ जाएं।
रायबरेली के भीलमपुर निवासी भरतलाल मौर्य बसपा के कार्यकर्ता रहे हैं। वह कहते हैं कि उनकी बिरादरी हर पार्टी में है, लेकिन बसपा कैडर के लोगों ने अभी साथ नहीं छोड़ा है। यही वजह है कि तमाम विपरीत परिस्थितियों के बाद भी पार्टी को 12 फीसदी से ज्यादा वोट मिल रहा है। हालांकि वह मायावती के रवैए से नाराज हैं।