स्मारकों पर लापरवाही से भड़के बसपाई, किया हंगामा!
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सोमवार को शून्यप्रहर में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी, सूरजभान करवरिया एवं बसपा के अन्य सदस्यों ने प्रदेश में मायावती सरकार के समय महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों, स्थलों व पार्कों आदि का उचित रखरखाव न होने का मामला उठाया।
सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग की। इसे लेकर बसपा और सपा सदस्यों में तनातनी हो गई। बसपा सदस्य वेल में आ गए। सभापति गणेश शंकर पांडेय ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
बाद में जब सदन बैठा तो सभापति ने सरकार को राजस्व परिषद के सदस्य से मामले की जांच कराकर सदन को अवगत कराने का निर्देश देकर सदस्यों को शांत किया।
बसपा ने लगाया लापरवाही का आरोप
बसपा ने आरोप लगाया कि अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल सहित अन्य कई स्थानों का हाल बेहाल है। पत्थर टूटे पड़े हैं। रेलिंग में जंग लग रही है। छत टूट रही है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
नेता सदन अहमद हसन ने बताया कि स्मारकों का पूरा रखरखाव किया जा रहा है। कहीं कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। बसपा के लोग अकारण सरकार पर आरोप लगाते हैं। इस पर एक-दूसरे की सरकारों की कार्यशैली को लेकर तीखी टिप्पणियां हुई।
फिर दोनों पक्ष के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर आरोप लगाने लगे। सभापति ने टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही का हिस्सा न मानने का निर्देश दिया। इस बीच, बसपा सदस्य नारे लगाते हुए वेल में आ गए तो सभापति ने कार्यवाही को पहले 10 मिनट के लिए स्थगित किया। फिर इसे 5 मिनट और बढ़ा दिया।
मायावती के आवास के पास बने कमरे नहीं हटे
शून्यप्रहर में बसपा के सुनील कुमार चित्तौड़ ने 13 माल एवेन्यू के समक्ष सर्विस रोड पर अस्थायी रूप से बने कमरों को अब तक न हटाने का मामला उठाया।
कहा, 19 नवंबर, 2014 को नियम 105 के तहत दी गई सूचना पर सभापति ने सरकार को इस प्रकरण में गठित समिति और नेता प्रतिपक्ष से वार्ता कर एक माह में कार्रवाई कर सदन को बताने को कहा था लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
सभापति ने सरकार को निर्देश दिया कि इस सिलसिले में रिपोर्ट मंगवाकर सदन को अवगत करा दें। जहां ये कमरे बने हैं उसी के पास बसपा अध्यक्ष मायावती का आवास है।