{"_id":"60c5b80bfeae997a707af36a","slug":"bsp-chief-mayawati-speaks-about-2022-up-assembly-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी चुनाव 2022: मायावती ने साझा की चुनावी रणनीति, बोलीं- काडर पर भरोसा करें, न कि बिक जाने वाले नेताओं पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी चुनाव 2022: मायावती ने साझा की चुनावी रणनीति, बोलीं- काडर पर भरोसा करें, न कि बिक जाने वाले नेताओं पर
Sun, 13 Jun 2021 02:09 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 13 Jun 2021 02:09 PM IST
सार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की जमीनी तैयारियों के लिए छोटी-छोटी काडर बैठकें सर्वाधिक उपयोगी होती हैं। इसे जारी रखा जाए।
विज्ञापन
बसपा प्रमुख मायावती
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी समर्थकों को आगाह किया है कि वे काडर पर ज्यादा भरोसा करें न कि निजी स्वार्थ में बिक जाने वाले नेताओं पर। इस बयान के बाद माना जा रहा है बसपा विधानमंडल के पूर्व नेता लालजी वर्मा व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर की पार्टी में वापसी की फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं है।
विज्ञापन
मायावती ने पार्टी के राज्य कार्यालय में विभिन्न समुदायों व वर्गों के वरिष्ठ लोगों के साथ लंबी बैठक की। लालजी व राम अचल को बसपा से निष्कासित करने के करीब 10 दिन बाद यह पार्टी की पहली महत्वपूर्ण बैठक थी।
विज्ञापन
इसमें मायावती ने कहा कि पार्टी के लोगों को उन नेताओं पर भरोसा नहीं करना चाहिए, जो डॉ. अंबेडकर और पार्टी संस्थापक कांशीराम का नाम तो लेते हैं, पर निजी स्वार्थ में पार्टी को आघात पहुंचने से नहीं हिचकते और बिक जाते हैं। ऐसे लोग पार्टी से ज्यादा खुद का अहित करते हैं। इसका अहसास उन्हें बाद में होता है। पर, ऐसे लोगों से सावधान रहना जरूरी है।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि मायावती का इशारा उक्त दोनों नेताओं की ओर ही था। इन नेताओं ने निष्कासन के बाद कहा था कि नेतृत्व की नजर में किसी ने गलतफहमी पैदा करने की कोशिश की है। वह बसपा सुप्रीमो से मिलकर इसे दूर करने का प्रयास करेंगे और पार्टी में ही रहेंगे।
ये है रणनीति, दिए ये निर्देश
मायावती ने विस चुनाव 2022 की तैयारी को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी की जमीनी तैयारियों के लिए छोटी-छोटी काडर बैठकें सर्वाधिक उपयोगी होती हैं। इसे जारी रखा जाए। इससे संगठन मजबूत होगा और आगामी विस चुनाव में भी सफलता सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि बसपा धन्नासेठों व पूंजीपतियों के धन और इशारे पर चलने वाली पार्टी नहीं है। बल्कि यह सर्व समाज के गरीब, शोषित, पीड़ित व उपेक्षितों के हक, हित व कल्याण करने के लिए संघर्ष करने का काम करने वाली पार्टी है।
भाईचारा संगठनों को फिर से सक्रिय करने के दिए निर्देश
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी ने अपनी चार बार की सरकार में सर्व समाज के लिए काम किया है। उनकी सरकार में कई ठोस कार्य हुए हैं, जिनके ऐतिहासिक महत्व हैं। आम लोगों को बसपा शासनकाल की उपलब्धियां बता कर समर्थन हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने बसपा से जुड़े विभिन्न समुदायों व वर्गों के वरिष्ठ लोगों के साथ राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से विचार-विमर्श कर पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की रणनीति तैयार की। इसमें ब्राह्मण व पिछड़े वर्ग का भाईचारा संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए भाईचारा संगठनों को फिर से सक्रिय किए जाने के निर्देश दिए।
भाईचारा संगठनों को फिर से सक्रिय करने के दिए निर्देश
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी ने अपनी चार बार की सरकार में सर्व समाज के लिए काम किया है। उनकी सरकार में कई ठोस कार्य हुए हैं, जिनके ऐतिहासिक महत्व हैं। आम लोगों को बसपा शासनकाल की उपलब्धियां बता कर समर्थन हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने बसपा से जुड़े विभिन्न समुदायों व वर्गों के वरिष्ठ लोगों के साथ राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से विचार-विमर्श कर पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की रणनीति तैयार की। इसमें ब्राह्मण व पिछड़े वर्ग का भाईचारा संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए भाईचारा संगठनों को फिर से सक्रिय किए जाने के निर्देश दिए।