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सॉफ्टवेयर फॉल्ट से बीएस फोर वाहन ऑटोमैटिक हो गए बीएस थ्री
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वाहन फोर सॉफ्टवेयर के अपग्रेडेशन के दौरान तकनीकी समस्या आने से हजारों बीएस-4 वाहन बीएस-तीन श्रेणी के हो गए हैं। अब ये वाहन अधिक जहरीला धुआं छोड़ने वाले वाहनों की श्रेणी में दर्ज हो गए हैं।
यहीं नहीं, हजारों वाहन बीएस-दो से बीएस-चार और बीएस-चार से बीएस-छह भी हो गए हैं। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का आकलन है कि ऐसे वाहनों की अनुमानित संख्या तीन लाख से ज्यादा होगी।
इससे सबसे अधिक उन्हें परेशानी हो रही है, जिनके वाहन बीएस-चार से बीएस-तीन हो गए हैं, क्योंकि आरटीओ के रिकॉर्ड में बीएस-तीन वाहन पर्यावरण को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। राजधानी में कुल पंजीकृत वाहन 1,10,34,081 हैं, इसमें लगभग तीन फीसदी वाहनों का प्रदूषण मानक बदल गया है। यह फॉल्ट तो कोरोना संकट में आया था, अब जब आरटीओ में रोज काफी संख्या मेें वाहन स्वामी बीएस श्रेणी को संशोधित कराने आ रहे हैं तो मामला सामने आया है।
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जानिए क्या है भारत स्टेज
भारत स्टेज उत्सर्जन वाहनों में प्रदूषण मापने का मानक है। यह मानक वाहन इंजन से निकलने वाले धुएं में कार्बन डाई ऑक्साइड, सल्फर और नाइट्रोजन को बताता है। वर्तमान में बीएस-छह श्रेणी के वाहन आरटीओ में पंजीकृत हो रहे हैं।
राजधानी में पंजीकृत वाहन
नॉन ट्रांसपोर्ट : 45,69,202
ट्रांसपोर्ट : 64,64,879
कुल : 1,10,34,081
ये परेशानी आ रही सामने
- वाहनों के प्रदूषण की जांच प्रभावित
- नहीं मिल पा रहे प्रदूषण प्रमाण पत्र
- बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के फिटनेस नहीं
- वाहन बेचने पर नहीं हो रहा हस्तांतरण
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का नवीनीकरण नहीं
खामी दूर करने में जुटा एनआईसी
सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के दौरान तकनीकी खामी आने से वाहन के प्रदूषण मानक की श्रेणी में स्वत: ही बदलाव हो गया है। इससे लखनऊ में तीन लाख से अधिक वाहन मालिक प्रभावित हुए हैं। अब ऐसे वाहनों की श्रेणी को सही किया जा रहा है। साथ ही एनआईसी के द्वारा तकनीकी खामी को भी दूर करने का प्रयास चल रहा है।
- अखिलेश द्विवेदी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) लखनऊ संभाग
स्कूली वाहनों के खिलाफ आज से जांच
परिवहन विभाग शुक्रवार से अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलाएगा। जोनल डिप्टी कमिश्नर (ट्रांसपोर्ट) निर्मल प्रसाद ने बताया कि ये जांच 30 नवंबर तक चलेगी। इस संबंध में संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप कुमार पंकज को आदेश भेजा गया है कि वह टीमें गठित कर कार्रवाई शुरू कराएं। टीमें हजरतगंज, गोमतीनगर, आशियाना, एलडीए कॉलोनी, पारा, राजाजीपुरम और जानकीपुरम इलाकों में स्कूली वाहनों में सुप्रीमकोर्ट के द्वारा तय मानकों की जांच कर कार्रवाई करेंगे। (माई सिटी रिपोर्टर)
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यहीं नहीं, हजारों वाहन बीएस-दो से बीएस-चार और बीएस-चार से बीएस-छह भी हो गए हैं। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का आकलन है कि ऐसे वाहनों की अनुमानित संख्या तीन लाख से ज्यादा होगी।
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इससे सबसे अधिक उन्हें परेशानी हो रही है, जिनके वाहन बीएस-चार से बीएस-तीन हो गए हैं, क्योंकि आरटीओ के रिकॉर्ड में बीएस-तीन वाहन पर्यावरण को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। राजधानी में कुल पंजीकृत वाहन 1,10,34,081 हैं, इसमें लगभग तीन फीसदी वाहनों का प्रदूषण मानक बदल गया है। यह फॉल्ट तो कोरोना संकट में आया था, अब जब आरटीओ में रोज काफी संख्या मेें वाहन स्वामी बीएस श्रेणी को संशोधित कराने आ रहे हैं तो मामला सामने आया है।
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जानिए क्या है भारत स्टेज
भारत स्टेज उत्सर्जन वाहनों में प्रदूषण मापने का मानक है। यह मानक वाहन इंजन से निकलने वाले धुएं में कार्बन डाई ऑक्साइड, सल्फर और नाइट्रोजन को बताता है। वर्तमान में बीएस-छह श्रेणी के वाहन आरटीओ में पंजीकृत हो रहे हैं।
राजधानी में पंजीकृत वाहन
नॉन ट्रांसपोर्ट : 45,69,202
ट्रांसपोर्ट : 64,64,879
कुल : 1,10,34,081
ये परेशानी आ रही सामने
- वाहनों के प्रदूषण की जांच प्रभावित
- नहीं मिल पा रहे प्रदूषण प्रमाण पत्र
- बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के फिटनेस नहीं
- वाहन बेचने पर नहीं हो रहा हस्तांतरण
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का नवीनीकरण नहीं
खामी दूर करने में जुटा एनआईसी
सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के दौरान तकनीकी खामी आने से वाहन के प्रदूषण मानक की श्रेणी में स्वत: ही बदलाव हो गया है। इससे लखनऊ में तीन लाख से अधिक वाहन मालिक प्रभावित हुए हैं। अब ऐसे वाहनों की श्रेणी को सही किया जा रहा है। साथ ही एनआईसी के द्वारा तकनीकी खामी को भी दूर करने का प्रयास चल रहा है।
- अखिलेश द्विवेदी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) लखनऊ संभाग
स्कूली वाहनों के खिलाफ आज से जांच
परिवहन विभाग शुक्रवार से अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलाएगा। जोनल डिप्टी कमिश्नर (ट्रांसपोर्ट) निर्मल प्रसाद ने बताया कि ये जांच 30 नवंबर तक चलेगी। इस संबंध में संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप कुमार पंकज को आदेश भेजा गया है कि वह टीमें गठित कर कार्रवाई शुरू कराएं। टीमें हजरतगंज, गोमतीनगर, आशियाना, एलडीए कॉलोनी, पारा, राजाजीपुरम और जानकीपुरम इलाकों में स्कूली वाहनों में सुप्रीमकोर्ट के द्वारा तय मानकों की जांच कर कार्रवाई करेंगे। (माई सिटी रिपोर्टर)