फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   brothers fight for funeral of mother in faizabad

मां का अंतिम संस्कार करने को लेकर 4 भाइयों में विवाद

Sat, 26 Mar 2016 11:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद Updated Sat, 26 Mar 2016 11:10 AM IST
विज्ञापन
brothers fight for funeral of mother in faizabad
मां की अंतेष्टि पर 4 भाइयों में रार - फोटो : अमर उजाला

कारोबारी बेटों द्वारा खाना न देने पर बूढ़ी मां ने पांच दिन पहले आत्मदाह कर लिया और अब उसके चारों बेटों में इस बात को लेकर रार मची है कि अंतिम क्रियाकर्म कौन अपने पैसे से करेगा।

विज्ञापन


इसके चलते मृतका अयोध्यादेई के अंतिम क्रियाकर्म स्थगित कर दिए गए हैं, यहां तक की घट भी नहीं बांधा गया है। मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली चारों बेटों की इस करतूत से ग्रामीणों ने उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।
विज्ञापन


पूराकलंदर थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव में 20 मार्च की रात 70 साल की वृद्धा अयोध्यादेई ने आत्मदाह कर जान दे दी थी।

अयोध्यादेई के पांच बेटे हैं जिनमें से एक मंदबुद्धि है पर चार का अपना-अपना कारोबार है, लेकिन चारों में बूढ़ी मां को भोजन देने पर विवाद चल रहा था।

तीन दिन भूखी रह‌ने के बाद मां ने किया था आत्मदाह

brothers fight for funeral of mother in faizabad
न दिन भूख से तड़पने के बाद अयोध्यादेई घर में ही आत्मदाह कर लिया था - फोटो : अमर उजाला

भोजन देने को लेकर चारों बेटे विजय शंकर, बेंचू, जोखू, रमेश ने एक-एक माह की पारी बंधी थी। वर्तमान समय में भोजन देने की बारी जोखू की थी लेकिन तीन दिनों से वृद्धा और पांचवें मंदबुद्धि बेटे को भोजन नहीं मिला था।

आखिर तीन दिन भूख से तड़पने के बाद अयोध्यादेई घर में ही आत्मदाह कर लिया। मां की मौत के पांच दिन बाद भी चारों बेटों में अंतिम क्रियाकर्म में पैसा लगाने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है जिससे कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।

गांव के पूर्व प्रधान जनार्दन पांडेय, कुंवर बहादुर पांडेय, सियाराम गुप्ता, नारायन दास गुप्ता, सियाराम मौर्या, बीडीसी सदस्य पवन मौर्या, प्रधान करीमउल्ला, राजेश कोरी कहते हैं कि अयोध्यादेई और उसके साथ रह रहे बेटे के भोजन व परवरिश को लेकर चारों बेटों के बीच साल भर में कई बार पंचायत हुई लेकिन फिर भी वे मां और मंद बुद्धि भाई को खाना नहीं दे सके। ऐसी शर्मनाक घटना के लिए चारों बेटे जिम्मेदार हैं इसलिए इनका बहिष्कार कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed