{"_id":"66fdf00996e1aa71ce0b2534","slug":"broken-beam-was-cut-and-removed-no-action-taken-against-construction-company-lucknow-news-c-13-1-lko1029-899353-2024-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: टूटे बीम को काटकर हटाया, निर्माण कंपनी पर कार्रवाई नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: टूटे बीम को काटकर हटाया, निर्माण कंपनी पर कार्रवाई नहीं
विज्ञापन
मंदाकिनी अपार्टमेंट की बालकनी की टूटी बीम को उतारती टीम।
लखनऊ। आवास विकास परिषद प्रशासन ने मंदाकिनी अपार्टमेंट की बालकनी की बीम टूटने के 24 घंटे बाद भी निर्माण कंपनी एनसीसी पर सख्ती नहीं की है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ टूटी बीम को काटकर हटा दिया गया है।
उधर, अपार्टमेंट में रहने वाले करीब 400 परिवार दहशत में हैं। इनका कहना है कि पूरे अपार्टमेंट में ऐसी 240 बीम हैं। फिर कोई बीम टूटी तो बड़ा हादसा हो सकता है। सभी बीम की जांच कराने की मांग उठाई गई है।
अवध विहार योजना में बने मंदाकिनी अपार्टमेंट की 13वीं और 14वीं मंजिल के बीच बने फ्लैट की बालकनी की एक बीम मंगलवार रात टूटकर लटक गई थी। गनीमत रही कि करीब चार क्विंटल वजनी बीम नीचे नहीं गिरी। एनसीसी की टीम ने बुधवार सुबह लटक रही बीम को काटकर फ्लैट में उतार लिया और नई बीम ढालने का काम शुरू कर दिया।
विज्ञापन
मंदाकिनी एंक्लेव रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ राय और सहायक सचिव आनंद कुमार ने बताया कि टूटी बीम की सरिया नीचे के फ्लोर से नहीं जोड़ी गई थी। आवास विकास की यह भारी लापरवाही है। उसने अपार्टमेंट लेते वक्त नहीं देखा कि बीम सही बना है या नहीं। आवास विकास के इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई हो। साथ ही अपार्टमेंट की सभी बालकनी की बीम की जांच कराई जाए। एनसीसी ने जांच की बात कही है पर उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसी ने निर्माण किया है।
आवास विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता केपी वर्मा का कहना है कि मरम्मत का काम कराया जा रहा है। कंपनी पर कार्रवाई करने जैसा मामला नहीं है, क्योंकि यह स्ट्रक्चर बीम नहीं था। फ्लैट के फ्रंट एलिवेशन का बीम सही से जोड़ा नहीं गया था। इस लापरवाही पर कार्रवाई को लेकर मरम्मत कराने के बाद विचार करेंगे।
विज्ञापन
उधर, अपार्टमेंट में रहने वाले करीब 400 परिवार दहशत में हैं। इनका कहना है कि पूरे अपार्टमेंट में ऐसी 240 बीम हैं। फिर कोई बीम टूटी तो बड़ा हादसा हो सकता है। सभी बीम की जांच कराने की मांग उठाई गई है।
विज्ञापन
अवध विहार योजना में बने मंदाकिनी अपार्टमेंट की 13वीं और 14वीं मंजिल के बीच बने फ्लैट की बालकनी की एक बीम मंगलवार रात टूटकर लटक गई थी। गनीमत रही कि करीब चार क्विंटल वजनी बीम नीचे नहीं गिरी। एनसीसी की टीम ने बुधवार सुबह लटक रही बीम को काटकर फ्लैट में उतार लिया और नई बीम ढालने का काम शुरू कर दिया।
विज्ञापन
मंदाकिनी एंक्लेव रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ राय और सहायक सचिव आनंद कुमार ने बताया कि टूटी बीम की सरिया नीचे के फ्लोर से नहीं जोड़ी गई थी। आवास विकास की यह भारी लापरवाही है। उसने अपार्टमेंट लेते वक्त नहीं देखा कि बीम सही बना है या नहीं। आवास विकास के इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई हो। साथ ही अपार्टमेंट की सभी बालकनी की बीम की जांच कराई जाए। एनसीसी ने जांच की बात कही है पर उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसी ने निर्माण किया है।
आवास विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता केपी वर्मा का कहना है कि मरम्मत का काम कराया जा रहा है। कंपनी पर कार्रवाई करने जैसा मामला नहीं है, क्योंकि यह स्ट्रक्चर बीम नहीं था। फ्लैट के फ्रंट एलिवेशन का बीम सही से जोड़ा नहीं गया था। इस लापरवाही पर कार्रवाई को लेकर मरम्मत कराने के बाद विचार करेंगे।