बैंक आए युवकों का उत्पात: सिपाही को खदेड़कर पीटा, वर्दी फाड़ी
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इंदिरानगर के तकरोही स्थित एसबीआई शाखा से रुपये निकालने आए युवकों ने ड्यूटी पर तैनात सिपाही नरेंद्र प्रताप सिंह पर हमला बोल दिया। युवक लाइन तोड़कर बैंक में घुस रहे थे।
सिपाही ने मना किया तो गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो गए। सिपाही को बीच सड़क पर दौड़ाकर पीटा। पुलिस ने पांच हमलावरों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है।
एसओ नोवेंद्र सिंह सिरोही ने बताया कि बैंक में करेंसी निकालने और बदलने के लिए काफी भीड़ रहती है इसलिए सिपाही नरेंद्र को सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया था।
मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे इंदिरानगर की मायावती कालोनी निवासी संतोष वर्मा, अमर वर्मा, गीतविहार के दीपक, पवन निषाद और दीनदयालपुरम में रहने वाले अंजनी कश्यप वहां आ गए।
उस वक्त बैंक के बाहर लंबी लाइन लगी थी। पांचों लाइन में लगे बगैर बैंक के भीतर घुसने लगे तो अन्य लोगों ने टोका। इस पर युवक दबंगई करने लगे। उन्होंने लाइन में लगे लोगों को धमकाना शुरू कर दिया।
ड्यूटी पर तैनात सिपाही नरेंद्र प्रताप सिंह वहां आया और युवकों से लाइन में लगने को कहा। गुस्साये युवक सिपाही से भिड़ गए। उसका कॉलर पकड़कर खींचते हुए सड़क पर ले आए और लात-घूसों से पिटाई शुरू कर दी। मारपीट में सिपाही की वर्दी फट गई और सिर पर चोट से वह बेहोश हो गया।
इलाके में गुंडागर्दी के लिए चर्चित हैं हमलावर
शोरगुल मचने पर पास ही स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा पर मौजूद पुलिसकर्मी दौड़े लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे। सिपाही की पिटाई की जानकारी पाकर आई पुलिस ने घेराबंदी कर पांचों को एसबीआई शाखा के पास से ही दबोच लिया।
सिपाही को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। एसओ ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ सिपाही की तरफ से बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी सरकारी कार्य में बाधा और सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर बुधवार दोपहर उन्हें जेल भेज दिया गया।
सिपाही को सरेराह बेरहमी से पीटने वाले पांचों हमलावर इलाके में गुंडागर्दी के लिए चर्चित हैं। इससे पूर्व भी वह अक्सर लोगों से बदमाशी और दबंगई कर चुके हैं। पुलिस के पास भी इनकी गुंडागर्दी की शिकायतें आई हैं।
एसओ ने बताया कि संतोष की संतोष कम्युनिकेशन और अमर वर्मा की अमर कम्युनिकेशन के नाम से दुकान है। दीपक लिफ्ट मैकेनिक है जबकि पवन निषाद इलेक्ट्रीशियन का काम करता है।
इनका पांचवां साथी अंजनी कश्यप टाटा मोटर्स में नौकरी करता था लेकिन अपनी हरकतों की वजह से कुछ ही दिन पहले उसे निकाल दिया गया। पांचों के खिलाफ अब तक कोई एफआईआर दर्ज होने का पता नहीं चल सका है।