जानें, बहन की शादी क्यों रोकना चाहता है ये भाई
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साहब... बहन अभी नाबालिग है, घरवाले जबरन उसकी शादी करना चाहते हैं, उसे बालिका बधू बनने से बचाओ। वह पढ़ लिखकर कामयाब होना चाहती है। यह शब्द उस भाई के हैं जो अपनी बहन की शादी रुकवाने के लिए अधिकारियों की चौखट के चक्कर लगा रहा है।
30 अप्रैल को उसकी शादी है। तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देने के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो युवक ने मंगलवार को पुन: डीएम अभय कुमार को पत्र भेजकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मामला नानपारा कोतवाली क्षेत्र का है। लीलापुर पतरहिया गांव निवासी राजेश गुप्ता ने बेटी पूजा (15) की शादी नानपारा कोतवाली क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव के फूलचंद्र के साथ तय कर दी है।
30 अप्रैल को शादी होनी है। लेकिन यह बात जब पूजा के भाई राम सहारे को मालूम हुई तो वह राजस्थान से गांव लौट आया। राम सहारे राजस्थान में रहकर नौकरी व समाजसेवा करता है।
समझाया पर नहीं माने घरवाले
राम सहारे ने पहले तो पिता व अन्य परिवारीजन को नाबालिग बहन पूजा की शादी न करने के लिए समझाया। बताया कि कम उम्र में शादी करना कानूनन जुर्म है।
शारीरिक व मानसिक लिहाज से भी पूजा के लिए ठीक नहीं है। लेकिन पिता राजेश ने गरीबी व आर्थिक तंगी का हवाला देकर शादी टालने से इंकार कर दिया।
इस बात को लेकर पिता-पुत्र में नोकझोंक भी हुई। पूजा आगे पढ़ाई जारी रखते हुए कामयाब बनना चाहती है और इन सपनों को भाई राम सहारे पंख देना चाहता है।
ऐसे में राम सहारे ने परिवार के खिलाफ जाते हुए बहन पूजा की शादी रोकवाने की ठान ली है। राम सहारे ने गत 21 अप्रैल को नानपारा तहसील में आयोजित तहसील दिवस में डीएम अभय कुमार को प्रार्थना पत्र दिया, साथ ही नानपारा कोतवाली के प्रभारी को भी तहरीर दी।
लेकिन न तो प्रशासन ने कोई कदम उठाया न ही पुलिस ने। इससे आहत राम सहारे ने मंगलवार को पुन: डीएम अभय कुमार को पत्र भेजकर बहन पूजा को बालिका बधू बनने से रोकवाए जाने के लिए न्याय की गुहार लगाई है।
मैं न पढ़ सका, बहन को पढ़ाउंगा
राम सहारे ने शिकायती पत्र के साथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय पतरहिया के स्थानांतरण पत्र भी संलग्न किया है। पूजा ने इस साल कक्षा आठ उत्तीर्ण किया है। विद्यालय की ओर से जारी स्थानांतरण पत्र में पूजा की उम्र महज 15 साल दर्शायी गई है।
राम सहारे ने कहा कि गरीबी के कारण वह महज कक्षा पांच तक ही पढ़ पाया। लेकिन समय के साथ यह जरूर मालूम हो गया है कि यदि पढ़ने की ललक हो तो गरीबी आड़े नहीं आती है।
वह कहता है वर्तमान में शिक्षा के लिए सरकारें भी प्रेरित कर रही हैं। इसके बाद शादी के लिए भी अनुदान दिया जाता है। जब बहन पढ़ लिखकर सफल हो जाएगी तो शादी करने में कठिनाई होगी ही नहीं।