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पीएफआई के दोनों सदस्य सात दिनों की रिमांड पर, अंशद और फिरोज के साथियों की तलाश में जुटी एजेंसियां
Wed, 17 Feb 2021 08:16 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 17 Feb 2021 08:16 PM IST
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गिरफ्तार दोनों आतंकी
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए पीएफआई के सदस्यों की जांच अब यूपी एटीएस करेगी। सहयोगी की भूमिका में एसटीएफ की टीमें लगी रहेंगी। वहीं मंगलवार को गिरफ्तार पीएफआई कमांडर अंशद बदरुद्यीन और आर्म ट्रेनर फिरोज खान को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया।न्यायालय ने दोनों की सात दिनों की रिमांड एटीएस को दे दी है। रिमांड का समय बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे से शुरु होगा।
उधर, जांच एजेंसियां अब इस मामले में तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। अंशद और फिरोज की मदद किन-किन लोगों ने की, यह दोनों कहां-कहां रुके और लखनऊ के अलावा कहां-कहां तबाही मचाने का मंसूबा इन लोगों का था इसका पता लगाने की कोशिश जांच एजेंसियां कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि पीएफआई से जुड़े लगभग आधा दर्जन लोगों की भूमिका केबारे में जानकारी मिली है, जिनकी तलाश की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि केरल से अंशद और फिरोज के साथ कुछ और लोग भी चले थे, जिसमें दो ही यूपी पहुंचे। बाकी अन्य राज्यों में चले गए। इनके पास से जो 12 टिकट बरामद किए गए हैं वह भी अलग अलग राज्यों के थे। यानी यह अलग अलग राज्यों से होते हुए यूपी पहुंचे थे। पकड़े गए दोनों युवक कभी भी टिकट पर दिए गए ओरिजन और डिस्टीनेशन वाले स्टेशन पर न चढ़े और न ही उतरे। मसलन टिकट नई दिल्ली से लखनऊ का है, लेकिन ट्रेन गाजियाबाद से पकड़ते थे और लखनऊ से पहले ही किसी स्टेशन उन्नाव या कानपुर में उतर जाते थे।
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विवेचना की जिम्मेदारी एटीएस को
इस मामले को एटीएस के थाने में एफआईइआर दर्ज कराकर एटीएस के ही सुपुर्द कर दिया गया है। यानी इस मामले में आगे की विवेचना यूपी एटीएस करेगी। जबकि हाथरस में जातीय हिंसा फैलाने में पीएफआई की भूमिका की जांच पहले से ही एसटीएफ कर रही है। ऐसे में उक्त प्रकरण में भी एसटीएफ का सहयोग लिया जाएगा।
जमाअतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश के संपर्क में था बदरुद्दीन
सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार किया गया पीएफआई कमांडर अंशद बांगलादेश के आतंकी संगठन जमाअतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के संपर्क में था। सूत्रों का यह भी दावा है कि अंशद उक्त संगठन के लोगों से मिलने बांगलादेश भी गया था।
विस्फोटक की कराई जाएगी लैब में जांच
एसटीएफ द्वारा बरामद किए गए विस्फोटक की जांच लैब में कराई जाएगी। क्योंकि तीन साल पहले पीईटीएन को लेकर इतना हंगामा मच चुका है, इस लिए अधिकारी यह बताने से बच रहे हैं कि जो खतरनाक विस्फोटक मिले हैं, आखिर वह कौन से हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसकी लैब से जांच कराई जाएगी। जो डेटोनेटर और तार मिले हैं, उससे अंदाजा लगाया जा रह है कि विस्फोटक काफी खतरनाक था।
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उधर, जांच एजेंसियां अब इस मामले में तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। अंशद और फिरोज की मदद किन-किन लोगों ने की, यह दोनों कहां-कहां रुके और लखनऊ के अलावा कहां-कहां तबाही मचाने का मंसूबा इन लोगों का था इसका पता लगाने की कोशिश जांच एजेंसियां कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि पीएफआई से जुड़े लगभग आधा दर्जन लोगों की भूमिका केबारे में जानकारी मिली है, जिनकी तलाश की जा रही है।
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सूत्रों का कहना है कि केरल से अंशद और फिरोज के साथ कुछ और लोग भी चले थे, जिसमें दो ही यूपी पहुंचे। बाकी अन्य राज्यों में चले गए। इनके पास से जो 12 टिकट बरामद किए गए हैं वह भी अलग अलग राज्यों के थे। यानी यह अलग अलग राज्यों से होते हुए यूपी पहुंचे थे। पकड़े गए दोनों युवक कभी भी टिकट पर दिए गए ओरिजन और डिस्टीनेशन वाले स्टेशन पर न चढ़े और न ही उतरे। मसलन टिकट नई दिल्ली से लखनऊ का है, लेकिन ट्रेन गाजियाबाद से पकड़ते थे और लखनऊ से पहले ही किसी स्टेशन उन्नाव या कानपुर में उतर जाते थे।
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विवेचना की जिम्मेदारी एटीएस को
इस मामले को एटीएस के थाने में एफआईइआर दर्ज कराकर एटीएस के ही सुपुर्द कर दिया गया है। यानी इस मामले में आगे की विवेचना यूपी एटीएस करेगी। जबकि हाथरस में जातीय हिंसा फैलाने में पीएफआई की भूमिका की जांच पहले से ही एसटीएफ कर रही है। ऐसे में उक्त प्रकरण में भी एसटीएफ का सहयोग लिया जाएगा।
जमाअतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश के संपर्क में था बदरुद्दीन
सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार किया गया पीएफआई कमांडर अंशद बांगलादेश के आतंकी संगठन जमाअतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के संपर्क में था। सूत्रों का यह भी दावा है कि अंशद उक्त संगठन के लोगों से मिलने बांगलादेश भी गया था।
विस्फोटक की कराई जाएगी लैब में जांच
एसटीएफ द्वारा बरामद किए गए विस्फोटक की जांच लैब में कराई जाएगी। क्योंकि तीन साल पहले पीईटीएन को लेकर इतना हंगामा मच चुका है, इस लिए अधिकारी यह बताने से बच रहे हैं कि जो खतरनाक विस्फोटक मिले हैं, आखिर वह कौन से हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसकी लैब से जांच कराई जाएगी। जो डेटोनेटर और तार मिले हैं, उससे अंदाजा लगाया जा रह है कि विस्फोटक काफी खतरनाक था।