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Lucknow News: जन्म से नहीं था गुदा द्वार, छह और सात माह की दो बच्चियों की सफल सर्जरी
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बलरामपुर अस्पताल में हुआ इलाज।
लखनऊ। जन्म से गुदा द्वार न होने के कारण परेशानी झेल रही सीतापुर की दो मासूम बच्चियों का बलरामपुर अस्पताल में सफल ऑपरेशन किया गया है। दोनों बच्चियां अब सामान्य हैं और मां का दूध पी रही हैं।
करीब छह और सात माह की दोनों बच्चियां गुदा द्वार न होने के कारण योनि मार्ग से मल त्याग कर रही थीं। जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन यानी जन्मजात गुदा विकृति बताया। वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार ने ऑपरेशन किया। पहली बच्ची का ऑपरेशन 19 अगस्त और दूसरी का 21 अगस्त को किया गया। दोनों ऑपरेशन करीब तीन-तीन घंटे चले। जटिल सर्जरी के जरिये शरीर की प्राकृतिक बनावट के अनुसार उचित स्थान पर नया गुदा द्वार बनाया गया। दोनों ऑपरेशन बिना किसी बड़ी जटिलता के सफल रहे। ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चियों को पीडियाट्रिक वार्ड में रखा गया है। जल्द ही उन्हें छुट्टी मिलने की उम्मीद है।
पूरी टीम ने संभाली जिम्मेदारी
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों बच्चियों की हालत बेहतर है। निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि सर्जरी टीम में डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. एसए मिर्जा आदि शामिल रहे।
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करीब छह और सात माह की दोनों बच्चियां गुदा द्वार न होने के कारण योनि मार्ग से मल त्याग कर रही थीं। जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे एनोरेक्टल मालफॉर्मेशन यानी जन्मजात गुदा विकृति बताया। वरिष्ठ बाल शल्य चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार ने ऑपरेशन किया। पहली बच्ची का ऑपरेशन 19 अगस्त और दूसरी का 21 अगस्त को किया गया। दोनों ऑपरेशन करीब तीन-तीन घंटे चले। जटिल सर्जरी के जरिये शरीर की प्राकृतिक बनावट के अनुसार उचित स्थान पर नया गुदा द्वार बनाया गया। दोनों ऑपरेशन बिना किसी बड़ी जटिलता के सफल रहे। ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चियों को पीडियाट्रिक वार्ड में रखा गया है। जल्द ही उन्हें छुट्टी मिलने की उम्मीद है।
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पूरी टीम ने संभाली जिम्मेदारी
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि दोनों बच्चियों की हालत बेहतर है। निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि सर्जरी टीम में डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. एसए मिर्जा आदि शामिल रहे।
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