Lucknow News: मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं पुस्तकें
पुस्तक मेले के आयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि राष्ट्रीय पुस्तक मेले की शुरुआत वर्ष 2003 में 50 स्टॉल के साथ हुई थी। 23 साल का सफर पूरा करते हुए पुस्तक मेला नजाकत और नफासत के शहर के लोगों के दिलों में जगह बना चुका है। अब यह केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, शिमला और अलीगढ़ में भी पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को किताबों से जोड़ने की पूरी कोशिश है।
पुस्तक मेले के पहले ही दिन अलग-अलग स्टॉल पर युवाओं की भीड़ देखने को मिली। मेले में लगे 120 स्टॉल पर फिक्शन, नॉन-फिक्शन, बायोग्राफी, ऑटोबायोग्राफी, कॉमिक, मांगा और इतिहास से जुड़ी किताबें उपलब्ध हैं। युवाओं के बीच फिक्शन नॉवेल और मांगा की मांग ज्यादा रही। बच्चों के लिए भी स्टॉल पर कॉमिक्स उपलब्ध हैं।
पहले दिन से किताबों पर 10 से 50 फीसदी छूट
इस बार पुस्तक मेले में पहले दिन से ही कई स्टॉल पर किताबों पर विशेष छूट दी जा रही है। कुछ स्टॉल पर 10 से 50 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। वहीं कुछ स्टॉल पर एक नॉवेल 100 रुपये और दो नॉवेल 150 रुपये में मिल रही हैं। इसके साथ ही इत्र, अचार, पापड़, पूजा सामग्री और जूट के बने बैग के स्टॉल भी लोगों को लुभा रहे हैं।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।

बलरामपुर गार्डन में राष्ट्रीय पुस्तक मेले हुआ शुरू।