{"_id":"ed5cc91ef009df800aefcef9c255d0cd","slug":"bomb-rumor-in-lucknow-creates-havok","type":"story","status":"publish","title_hn":"ये कैसा गुलदस्ता, शहर में मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये कैसा गुलदस्ता, शहर में मचा हड़कंप
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Tue, 08 Oct 2013 04:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राहगीरों ने बम की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैफिक रोका और फिर कुछ यूं हुआ...
विज्ञापन
'हैलो, पुलिस स्टेशन! यहां गुलदस्ते में रखा है बम'...कुछ इसी अंदाज में एक राहगीर ने पुलिस को फोन करके डरा दिया। मामला शहर के बीचों बीच का था। इस वीआईपी इलाके में सड़क किनारे गुलदस्ते से सब खौफ खा रहे थे।
मामला शहर के हजरतगंज इलाके का है। यहां शक्ति भवन के सामने लावारिस पड़े कीमती गुलदस्ते से सोमवार शाम डेढ़ घंटे अफरातफरी रही। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैफिक रोक दिया।
विज्ञापन
लोगों को दूर हटाने के साथ ही बम निरोधक दस्ता बुलाया। 13 मिनट तक एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रखा गया। गुलदस्ते की बारीकी से जांच हुई और जांच के बाद पता चला कि उसमें कुछ नहीं है। दस्ते ने सब सामान्य होने की पुष्टि कर दी।
विज्ञापन
दरअसल, दफ्तरों में छुट्टी का समय होते ही अशोक मार्ग व शक्ति भवन के आसपास की सड़क पर जबरदस्त यातायात था।
इसी दौरान राहगीरों ने श्रीराम टॉवर व शक्ति भवन के बीच से नरही जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे एक कीमती गुलदस्ता लावारिस पड़ा देखा।
थोड़ी देर इंतजार व हालात का जायजा लिया। गुलदस्ते का दावेदार नजर न आने पर कुछ लोगों ने बम की आशंका व्यक्त जताई।
इसके साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम व हजरतगंज थाने का नंबर डायल किया। शाम करीब 4:45 बजे सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मार्ग से वाहनों की आवाजाही रोकी।
इसके साथ लोगों को दूर हटाते हुए बम निरोधक दस्ते को बुलाया। दूर खड़े लोग अटकलें लगा ही रहे थे कि 5:22 बजे बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा।
विभिन्न तरीकों से जांच के बाद सब सामान्य पाते हुए 5:35 बजे गुलदस्ता उठाते पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस का मानना है कि किसी वाहन से गुलदस्ता गिर गया होगा।
दिलचस्प बात यह थी कि जैसे ही लोगों को पता चला कि गुलदस्ते से कोई खतरा नहीं है, तो लोग बारी-बारी गुलाब चुनने लगे।