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Lucknow News: सई नदी में कूदे ग्राम प्रधान के पाैत्र का शव मिला
Sun, 11 Oct 2026 01:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:49 AM IST
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आश्रय की फाइल फोटो।
सरोजनीनगर। बंथरा में सई नदी में कूदने वाले 22 वर्षीय आश्रय शुक्ला उर्फ कल्लू का शव शनिवार दोपहर बरामद हुआ। एसडीआरएफ की टीम ने दो दिन तक तलाश के बाद घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर नदी में तारों की बाड़ के बीच फंसे शव को बाहर निकाला। आश्रय बंथरा के लतीफ नगर गांव की ग्राम प्रधान मालती शुक्ला के पौत्र थे। परिजनों के मुताबिक, वह मानसिक रूप से कमजोर थे।
इंस्पेक्टर कपिल गौतम के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे आश्रय घर से लगभग 200 मीटर दूर लतीफ नगर से रहीम नगर पड़ियाना जाने वाली सड़क पर बने सई नदी के पुल पर पहुंचे और नदी में छलांग लगा दी। सूचना पर एसडीआरएफ की तीन टीमों ने तलाश शुरू की। शुक्रवार को करीब चार किलोमीटर तक खोजबीन के बावजूद आश्रय का पता नहीं चला। अंधेरा होने के कारण शाम करीब 6:30 बजे अभियान रोकना पड़ा। शनिवार सुबह सात बजे फिर तलाश शुरू की गई। काफी देर तक शव नहीं मिलने पर आश्रय के भाई तरुण शुक्ला ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और गोताखोरों की तलाश पर भी सवाल उठाए। इस दौरान एसीपी ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
दोपहर करीब 1:15 बजे घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर नदी में तारों की बाड़ के बीच आश्रय का शव फंसा मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, फसलों को जानवरों से बचाने के लिए खेतों में तारों की बाड़ लगाई गई है। पिछले कुछ दिनों से सई नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी आसपास के खेतों तक फैल गया था। इसी बाड़ में शव फंस गया था।
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इंस्पेक्टर कपिल गौतम के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे आश्रय घर से लगभग 200 मीटर दूर लतीफ नगर से रहीम नगर पड़ियाना जाने वाली सड़क पर बने सई नदी के पुल पर पहुंचे और नदी में छलांग लगा दी। सूचना पर एसडीआरएफ की तीन टीमों ने तलाश शुरू की। शुक्रवार को करीब चार किलोमीटर तक खोजबीन के बावजूद आश्रय का पता नहीं चला। अंधेरा होने के कारण शाम करीब 6:30 बजे अभियान रोकना पड़ा। शनिवार सुबह सात बजे फिर तलाश शुरू की गई। काफी देर तक शव नहीं मिलने पर आश्रय के भाई तरुण शुक्ला ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और गोताखोरों की तलाश पर भी सवाल उठाए। इस दौरान एसीपी ने उन्हें समझाकर शांत कराया।
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दोपहर करीब 1:15 बजे घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर नदी में तारों की बाड़ के बीच आश्रय का शव फंसा मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, फसलों को जानवरों से बचाने के लिए खेतों में तारों की बाड़ लगाई गई है। पिछले कुछ दिनों से सई नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी आसपास के खेतों तक फैल गया था। इसी बाड़ में शव फंस गया था।
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