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खून का अवैध धंधा रोकने के लिए ब्लड बैंकों की हर माह रिपोर्टिंग, रक्त के बैग से होगी रिपोर्ट की मिलान
Wed, 23 Jan 2019 10:59 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 23 Jan 2019 10:59 PM IST
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अपर मुख्य सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. अनिता भटनागर जैन ने रक्त के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के प्रत्येक महीने ब्लड बैंक से रिकार्ड मंगाने के निर्देश दिए हैं। इन रिकार्ड की मिलान से रक्त बैग के गलत उपयोग का पता चल जाएगा।
साथ ही मरीज को गुणवत्ता का रक्त मिल सकेगा। वह बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों व मंडलों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रही थी।
डॉ. अनिता भटनागर जैन ने कहा कि कहा कि जनता को खाद्य, औषधि व कॉस्मेटिक सुरक्षित मिले और उनका स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े ये बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि दिसंबर 2018 तक कि प्रगति के आधार पर 46 फीसदी निर्माण इकाईयों निर्माण ईकाइयों, 71 फीसदी ब्लड बैंक के निरीक्षण किए गए थे। जबकि दिसंबर माह तक कम से 75 फीसदी लक्ष्य की पूर्ति होनी चाहिए थी।
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साथ ही मरीज को गुणवत्ता का रक्त मिल सकेगा। वह बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों व मंडलों के औषधि नियंत्रण अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रही थी।
डॉ. अनिता भटनागर जैन ने कहा कि कहा कि जनता को खाद्य, औषधि व कॉस्मेटिक सुरक्षित मिले और उनका स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े ये बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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उन्होंने बताया कि दिसंबर 2018 तक कि प्रगति के आधार पर 46 फीसदी निर्माण इकाईयों निर्माण ईकाइयों, 71 फीसदी ब्लड बैंक के निरीक्षण किए गए थे। जबकि दिसंबर माह तक कम से 75 फीसदी लक्ष्य की पूर्ति होनी चाहिए थी।
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उन्होंने केवल 50 फीसदी लक्ष्य की पूर्ति करने वाले 36 जनपदों के अधिकारियों को चेतावनी दी। औषधि निरीक्षक के स्तर से जिन मामलों में कमियां पाई गई, उन्हें समय से पूरा करने के लिए मंडलीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि 2.20 करोड़ की दवाएं और कॉस्मेटिक सीज की गयी। 12 जिलों के अधिकारियों को सीजर की कार्रवाई न करने पर फटकार लगाई गई।
साथ ही बिना लाईसेंस, एक्सपायर्ड या जो दवाएं दुकानों पर बेची नहीं जा सकती हैं, उन सभी में नियमानुसार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभिन्न जिलों में लंबित परिवादों की समीक्षा भी की।
पता चला कि कुल 1375 है केस लंबित हैं। इनमें से 22 मामले कई दशक पुराने हैं। जिसमें सबसे पुराना 1975 का है। इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। बैठक में इस मौके पर आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन मिनीस्ती एस, अपर आयुकत राहुल सिंह और औषधि नियंत्रण एके जैन भी मौजूद थे।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि 2.20 करोड़ की दवाएं और कॉस्मेटिक सीज की गयी। 12 जिलों के अधिकारियों को सीजर की कार्रवाई न करने पर फटकार लगाई गई।
साथ ही बिना लाईसेंस, एक्सपायर्ड या जो दवाएं दुकानों पर बेची नहीं जा सकती हैं, उन सभी में नियमानुसार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभिन्न जिलों में लंबित परिवादों की समीक्षा भी की।
पता चला कि कुल 1375 है केस लंबित हैं। इनमें से 22 मामले कई दशक पुराने हैं। जिसमें सबसे पुराना 1975 का है। इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। बैठक में इस मौके पर आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन मिनीस्ती एस, अपर आयुकत राहुल सिंह और औषधि नियंत्रण एके जैन भी मौजूद थे।