यूपी के ब्लॉक प्रमुख चुनाव नतीजे घोषित, यहां देखें
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सूबे में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में महिलाओं ने 51 फीसदी सीटों पर कब्जा कर सबको चौंका दिया है। रविवार देर शाम घोषित परिणामों में कुल 793 सीटों में से 405 सीटों पर महिला उम्मीदवारों ने परचम लहराया।
यूं तो पंचायत चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण है। लेकिन ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में आरक्षण से 18 फीसदी अधिक महिलाएं चुन कर आई हैं। केवल 49 फीसदी सीटों यानी केवल 203 सीटों पर ही पुरुष प्रत्याशी जीत सके हैं।
793 में से 385 सीटें ऐसी हैं, जिनमें चुनाव नहीं कराना पड़ा। यहां सभी ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध चुने गए। इनमें भी 200 ब्लॉक प्रमुख के पद महिलाओं को मिले हैं।
निर्विरोध सीटों में 52 फीसदी सीटें महिलाओं के हाथ लगी हैं। यानी निर्विरोध निर्वाचन में 48 फीसदी पुरुष ही चुने गए। रविवार को 408 सीटों के लिए वोट डाले गए थे।
मंत्रियों, विधायकों के संबंधी जीते
गोंडा के नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख पद पर कृषि मंत्री पंडित सिंह के भाई नरेंद्र सिंह की पत्नी बबिता सिंह ने जीत हासिल की। यहां से सांसद बृजभूषण शरण सिंह के भाई की पत्नी अरुंधती सिंह दावेदार थीं। अरुंधती को 35 मत और बबिता सिंह को 39 मत मिले।
रायबरेली में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री मनोज कुमार पांडेय के छोटे भाई अनुराग पांडेय की पत्नी मीना पांडेय दीनशाहगौरा ब्लॉक से चुनाव जीत गई हैं।
बछरावां विधायक रामलाल अकेला के बेटे विक्रांत अकेला बछरावां ब्लॉक व सरेनी विधायक देवेंद्र सिंह के भाई अनंतेश सिंह लालगंज सीट से चुनाव जीत गए हैं।
देवरिया के पत्थरदेवा में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही के बेटे सुब्रत शाही चुनाव जीत गए। मऊ जिले में घोसी के सपा विधायक सुधाकर सिंह के पुत्र सुजीत सिंह चुनाव जीत गए।
रानीपुर से विधान परिषद सदस्य यशवंत सिंह के भाई अरुण सिंह की पत्नी नीति सिंह ने जीत दर्ज की। भदोही में औराई से पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र के बेटे विकास मिश्र ब्लॉक प्रमुख चुने गए।
भाजपा और कांग्रेस का खाता भी न खुला
वहीं, जिला बाराबंकी में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव नतीजों ने साफ कर दिया है कि जिले में अभी भी सपा का ही दबदबा है। जिले की जनता ने विधानसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से सपा के सभी छह विधायक जिताए थे, वह लहर आज भी बरकरार है।
क्योंकि ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भाजपा और कांग्रेस तो अपना खाता तक नहीं खोल सकीं। बसपा ने पूरेडलई ब्लॉक से निर्विरोध चुनाव जीतकर कुछ हद तक अपनी साख बरकरार रखी है।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में छह सीटों पर सपा ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। रविवार को जिन आठ सीटों पर चुनाव हुआ है उन सभी सीटों पर सपा के ही उम्मीदवार जीते हैं। दरियाबाद से भाजपा समर्थित उम्मीदवार देवानंद पांडेय अपने प्रतिद्वंद्वी अजीत कुमार सिंह उर्फ चमन से महज चार मतों से ही चुनाव हारे हैं।
मतगणना के दौरान एक बार तो अजीत को पसीना आ गया था लेकिन किसी तरह से वह चुनाव जीत गए हैं। पूरेडलई ब्लॉक से बसपा उम्मीदवार दीपक सिंह ने निर्विरोध चुनाव जीतकर बसपा की साख को बरकरार रखने में सफलता हासिल की है। जबकि कांग्रेस पूरे चुनाव में कहीं नहीं दिखाई दी।
वहीं, सपा ने विधानसभा चुनाव के बाद हुए जिला पंचायत चुनाव में निर्विरोध निर्वाचन कराकर साफ कर दिया था कि ब्लॉक प्रमुखी में भी उसी का ही दबदबा रहेगा। जिसे सपा ने बरकरार भी रखा है।
यहां पर सपा को करारा झटका
जिला फैजाबाद में सपा की रणनीति और दावे को करारा झटका लगा है। 11 ब्लॉकों में दो निर्विरोध मिलाकर सपा ने कुल तीन सीटें ही जीती हैं। जबकि भाजपा और बसपा के खाते में दो-दो सीटें आईं। दो सपा की बागी महिलाएं ब्लॉक प्रमुख बनीं हैं तो, दो निर्दलियों ने भी परचम लहराया है।
जिले के 11 विकास खंडों में ब्लॉक प्रमुख चुनाव की रणभेरी 5 फरवरी से नामांकन के साथ आननफानन शुरू हुई थी। कुल 1078 बीडीसी सदस्यों को मतदान में हिस्सा लेना था।
लेकिन नाम वापसी के बाद चार ब्लॉकों तारुन से विजय प्रताप सिंह (सपा), पूराबाजार से धर्मराज (सपा), अमानीगंज से राम प्रताप यादव (भाजपा) और बीकापुर से संतोष सिंह (बसपा) का एकल नामांकन होने से निर्विरोध चुन लिया गया है।
आयोग से अनुमति के बाद सभी को शनिवार को प्रमाण पत्र भी दे दिया गया है। बाकी बचे 7 ब्लॉकों में रविवार को सुबह 11 बजे से ब्लॉक मुख्यालयों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हुआ। सभी सातों सीटों पर खड़े कुल 14 प्रत्याशियों में आमने-सामने कड़ा संघर्ष दिखा। प्रत्याशी और उसके समर्थक बीडीसी सदस्यों की गोलबंदी शुरू से अंत तक जारी रही।
बसपा व भाजपा ने दिखाया दम
जिला सुल्तानपुर में ब्लॉक प्रमुख के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में बसपा व भाजपा ने दम दिखाया है। कांटे की टक्कर में बसपा व भाजपा को तीन-तीन सीटें मिली हैं। एक सीट पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को विजय मिली है।
अमूमन जिला पंचायत अध्यक्ष की तरह सत्ता के इर्द-गिर्द ही रहने वाले ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भी बसपा एवं भाजपा ने दमदारी दिखाई है। भाजपा ने धनपतगंज, बल्दीराय व दूबेपुर ब्लॉक प्रमुख की सीट छीन ली है तो बसपा ने भी तीन सीटों पर परचम लहराया है। धनपतगंज में सत्ता समर्थित प्रत्याशी नीलम कोरी को करारी हार झेलनी पड़ी है। उन्हें महज दो वोट मिले।
भाजपा समर्थित प्रत्याशी जानकी देवी ने 76 वोट पाकर जीत दर्ज की है। बल्दीराय में कांटे के मुकाबले में भाजपा समर्थित प्रत्याशी रज्जब विजयी हुए हैं। दूबेपुर में भी भाजपा समर्थित कन्हैया लाल ने जीत दर्ज की है। तीन सीटों में बसपा अखंडनगर में पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी थी।
चुनाव में बसपा ने करौंदीकलां एवं कादीपुर में जीत हासिल कर सपा को चौंका दिया है। जयसिंहपुर ब्लॉक प्रमुख की इकलौती सीट कांग्रेस के खाते में आई है। इस पर कांग्रेस की मंजू शुक्ला विजयी हुई हैं। इस चुनाव से बसपाई व भाजपाई गदगद हैं।
13 ब्लॉकों में 12 पर सपा का कब्जा
इसके अलावा गौरीगंज में तनातनी के बीच रविवार को जिले के पांच विकास खंडों में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए मतदान और मतगणना हुई। तीन बजे के बाद सभी ब्लॉकों में एआरओ ने परिणाम घोषित कर दिया।
घोषित परिणामों में सभी सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी के पक्ष में गए हैं। इसके पहले आठ ब्लॉकों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ था। निर्विरोध निर्वाचित होने वालों में सात सपा समर्थित थे जबकि एक कांग्रेस।
राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर रविवार को मुसाफिरखाना, बाजार शुकुल, जगदीशपुर, सिंहपुर व जामों ब्लॉकों में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए वोट डाले गए। जामों ब्लॉक के सभी 82 बीडीसी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गिनती के दौरान एक मत अवैध घोषित किया गया।
सपा समर्थित चौधरी नफीस अहमद को 74, बसपा समर्थित अवनीश शर्मा को 7 और कांग्रेस समर्थित गीता को एक भी मत हासिल नहीं हुआ। इसी तरह मुसाफिरखाना में 65 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 63 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वार्ड-40 की सुनीता देवी और वार्ड-47 के दुर्गेश कुमार वोट डालने नहीं पहुंचे।
इन जगहों पर ये रही स्थिति
पड़े 63 मतों में से सपा समर्थित नीतू सिंह को 45 और पूर्व ब्लॉक प्रमुख अरुणा सिंह को मात्र 18 मत ही मिले। बाजार शुकुल ब्लॉक में सभी 79 बीडीसी ने वोट डाले। यहां सपा समर्थित राकिया बानो को 49 व निर्दलीय रहे भूपेंद्र विक्रम सिंह को 30 वोट मिले।
जगदीशपुर ब्लॉक में 115 बीडीसी में 114 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वार्ड-86 के बीडीसी शिवप्रसाद वोट डालने नहीं पहुंचे। यहां दो मत अवैध रहे जबकि शेष 112 में सपा समर्थित नीलम कुमारी को 86 और कांग्रेस समर्थित रब्बुल निशां को मात्र 26 मत मिले। सिंहपुर ब्लॉक के 98 बीडीसी सदस्यों में से 96 ने मताधिकार का प्रयोग किया।
रामपुर पवारा की बीडीसी उर्मिला और खरावां की कुसुमा वोट डालने नहीं पहुंचीं। गिनती के दौरान चार वोट अवैध घोषित किए गए जबकि शेष 92 मतों में से सपा समर्थित रंजीत सिंह को 60 और कांग्रेस समर्थित रमेश अग्निहोत्री को मात्र 32 मत ही मिले।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव संपन्न होने के बाद देर शाम कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने सभी विजेता प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र दिए। इसके पहले आठ ब्लॉकों में प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। निर्विरोध निर्वाचित होने वालों में सात सपा समर्थित थे। बहादुर ब्लॉक में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध हुई थीं।
श्रावस्ती में सपा हारी तो बहराइच में बचाई लाज
बहराइच में तीन विकासखंडों में निर्विरोध निर्वाचन न होने पर रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव कराए गए। मतदान के बाद मतगणना हुई तो महसी में भाजपा समर्थित उम्मीदवार कृष्णावती ने सीट पर कब्जा कर लिया।
मिहींपुरवा में अयोध्या सिंह और विशेश्वरगंज में राणा अगम सिंह ने जीत दर्ज की। दोनों ने सपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता। मामूली कहासुनी के बीच चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तीनों मतदान केंद्रों पर मुस्तैद रहे।
जिले के 14 विकासखंडों में ब्लॉक प्रमुख चुनाव की प्रक्रिया सप्ताह भर पूर्व शुरू हुई थी। सपा ने अपने उम्मीदवारों की सूची घोषित की थी। अन्य किसी दल ने उम्मीदवारों का नाम सार्वजनिक नहीं किया था। पांच फरवरी को नामांकन के दिन 10 विकासखंडों में ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर सपा के उम्मीदवारों ने निर्विरोध निर्वाचित होकर कब्जा जमा लिया था।
जबकि शिवपुर में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सपा उम्मीदवार एकमात्र प्रत्याशी के रूप में मैदान में रह गई थी। ऐसे में 11 सीटों पर सपा काबिज हो गई। लेकिन महसी, मिहींपुरवा और विशेश्वरगंज में एक से अधिक प्रत्याशी होने के कारण चुनाव की स्थिति बन गई। रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव कराए गए।
ये हाल रहा मतदान का
उप जिला निर्वाचन अधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक मतदान हुआ। इसके बाद मतगणना कराई गई। महसी में भाजपा समर्थित उम्मीदवार कृष्णावती पत्नी बृजेश्वर सिंह को 61 मत मिले।
उनके प्रतिद्वंद्वी सपा प्रत्याशी प्रभाकर दत्त बाजपेई को 43 मतों से संतोष करना पड़ा। यहां नौ मत अवैध घोषित किए गए।
मिहींपुरवा में 185 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। यहां सपा के उम्मीदवार अयोध्या सिंह को 166 मत मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी बसपा समर्थित प्रत्याशी श्रवण मदेशिया को 16 मतों से संतोष करना पड़ा।
निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही विमला दीक्षित पत्नी राजकिशोर दीक्षित को एक भी मत नहीं मिले। यहां पर तीन मत अवैध घोषित किए गए। विशेश्वरगंज में सभी 104 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।
यहां सपा उम्मीदवार राणा अगम सिंह को 64 और उनके प्रतिद्वंद्वी निर्दल उम्मीदवार बीना राज मिश्र को 39 मत प्राप्त हुए। एक मत अवैध घोषित किया गया।