Raebareli: पटाखों में विस्फोट से थर्राया गांव, घायल अधेड़ को ट्रामा सेंटर रेफर किया
बछरावां कोतवाली के एक गांव में पटाखे बनाने वाले की कोठरी में हुए धमाके से पूरा गांव थर्रा उठा। हादसे में अधेड़ बुरी तरह जख्मी हो गया। इलाज के लिए उसे लखनऊ रेफर किया गया है।
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बछरावां (रायबरेली) कोतवाली क्षेत्र के पस्तौर गांव में रविवार की सुबह पटाखा गोदाम में तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया। इससे पटाखा बना रहा अधेड़ गंभीर रूप से झुलस गया। धमाका इतना तेज था कि कोठरी भरभराकर ढह गई और मलबा 50 मीटर दूर जा गिरा। ईंटें टुकड़ों में बंटकर जमीन पर बिखर गई। यह पटाखा गोदाम गांव से महज 100 मीटर की दूरी पर संचालित था। आवाज से ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। हालत गंभीर होने पर अधेड़ को सीएचसी से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी होने पर एसडीएम महराजगंज सालिगराम, सीओ रामकिशोर सिंह, कोतवाल जगदीश यादव ने पहुंचकर घटना की जांच की।
बछरावां कोतवाली क्षेत्र के पस्तौर गांव निवासी इश्तियाक (50) शादी एवं अन्य समारोहों में पटाखा दगाने व अन्य आतिशबाजों को पटाखे बेचने का कार्य करता है। वह गांव की आबादी से महज सौ मीटर दूरी पर बनी कोठरी में पटाखा फैक्ट्री लगाकर पटाखा बनाने का व्यवसाय करता है। सुबह करीब सात बजे इश्तियाक अपने घर से पटाखा फैक्ट्री पहुंचा था। जैसे ही पटाखा खोलने लगा, इसी दौरान तेज धमाके साथ विस्फोट हो गया गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी तेज थी कि कोठरी की दीवारों का मलबा करीब पचास मीटर दूर तक जा गिरा। अत्यधिक तेज विस्फोट होने के कारण कोठरी धराशाई हो गई। तेज विस्फोट की आवाज से समूचा गांव थर्रा गया।
विस्फोट की आवाज सुन ग्रामीण घरों से बाहर की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों ने पटाखा व्यवसायी इश्तियाक को मलबे से बाहर निकाल कर सीएचसी में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। चिकित्सक डॉ. प्रभात मिश्रा ने कहा कि अधेड़ 90 फीसदी झुलसा है। ग्रामीणों के मुताबिक इश्तियाक करीब चार वर्षों से पटाखा बनाने का व्यवसाय कर रहा है। सीओ का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। अधेड़ को लखनऊ रेफर किया गया है।
लापरवाही बन सकती बड़ी घटना की वजह
अगले माह से सहालग का दौर शुरू हो जाएगा। साथ ही दिवाली का पर्व भी आने वाला है। ऐेसे में नियमों को ताक पर रखकर पटाखा बनाया जा रहा है। जिन गोदामों में पटाखा बनाया जा रहा है, वहां पर न तो पानी की व्यवस्था रहती और न ही बालू रहती है। गांव से चंद कदम दूरी पर पटाखा गोदाम बना लिए गए हैं। बावजूद इसके अग्निशमन विभाग के अधिकारी चेकिंग के नाम पर खानापूरी की जा रही है। नियम है कि समय-समय पर पटाखा गोदामों की चेकिंग की जाती रहे। सेटिंग-गेटिंग के चलते चेकिंग की प्रक्रिया महज कागजों तक सीमित है।
नवीनीकरण नहीं था लाइसेंस : सुरेंद्र चौबे
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र चौबे का कहना है कि पस्तौर गांव में पटाखा गोदाम में घटना की जानकारी हुई है। झुलसे इश्तियाक के पास पटाखा बनाने का बहुत पुराना लाइसेंस था। लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं था। नवीनीकरण के लिए उसने आवेदन कर रखा था। घटना के बाद सतर्कता बरतते हुए पटाखा गोदामों को चेकिंग कराई जाएगी।