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बंथरा इंस्पेक्टर पर दलित को पीटने का आरोप
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लखनऊ। बंथरा इंस्पेक्टर पर दलित युवक ने बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजकर शिकायत की है। वहीं बंथरा इंस्पेक्टर का कहना है कि उन्होंने युवक को केवल पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
बंथरा के गढ़ी चुनौटी निवासी विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा है कि 12 सितंबर की रात वह घर में सो रहा था। तभी रात दो बजे बंथरा थाने के इंस्पेक्टर और दरोगा जीप से आए और दरवाजा पीटने लगे। दरवाजा खोलते ही उसे खींचकर जीप से थाने ले गए और वहां बुरी तरह से पिटाई की। सिपाहियों ने भी बेल्ट व डंडे से जमकर पीटा।
विनोद का आरोप है कि उसके खिलाफ बंथरा थाने में न तो कोई शिकायत है और न ही कोई मुकदमा दर्ज है। इसके बावजूद चोरी की एक वारदात कुबूल कराने का उस पर दबाव बनाया जा रहा था। हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों ने उसे थाने से भगा दिया। 13 सितंबर की रात विनोद बलरामपुर अस्पताल पहुंचा जहां मेडिकल चेकअप में डॉक्टरों ने उसके सिर व सीने के पास नुकीली चीज से घाव होने की पुष्टि की। ये बात मेडिकल रिपोर्ट में भी लिखी है।
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थाने पर हाजिरी लगाने को बोला था : इंस्पेक्टर
लखनऊ। बंथरा इंस्पेक्टर का कहना है कि विनोद कुमार चोरी के आरोप में उन्नाव के सोहरामऊ थाने से जेल भेजा जा चुका है। उसे हर रविवार को बंथरा थाने आकर हाजिरी लगाने को कहा गया था मगर वह नहीं आ रहा था। इसी वजह से पूछताछ के लिए उसे बुलाया गया था। हालांकि, उन्नाव के थाना सोहरामऊ से जेल गए विनोद को बंथरा थाने बुलाकर हाजिरी लगाने का कारण इंस्पेक्टर नहीं बता सके। मगर विनोद की पिटाई के आरोप को उन्होंने बेबुनियाद बताया है।
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बंथरा के गढ़ी चुनौटी निवासी विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा है कि 12 सितंबर की रात वह घर में सो रहा था। तभी रात दो बजे बंथरा थाने के इंस्पेक्टर और दरोगा जीप से आए और दरवाजा पीटने लगे। दरवाजा खोलते ही उसे खींचकर जीप से थाने ले गए और वहां बुरी तरह से पिटाई की। सिपाहियों ने भी बेल्ट व डंडे से जमकर पीटा।
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विनोद का आरोप है कि उसके खिलाफ बंथरा थाने में न तो कोई शिकायत है और न ही कोई मुकदमा दर्ज है। इसके बावजूद चोरी की एक वारदात कुबूल कराने का उस पर दबाव बनाया जा रहा था। हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों ने उसे थाने से भगा दिया। 13 सितंबर की रात विनोद बलरामपुर अस्पताल पहुंचा जहां मेडिकल चेकअप में डॉक्टरों ने उसके सिर व सीने के पास नुकीली चीज से घाव होने की पुष्टि की। ये बात मेडिकल रिपोर्ट में भी लिखी है।
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थाने पर हाजिरी लगाने को बोला था : इंस्पेक्टर
लखनऊ। बंथरा इंस्पेक्टर का कहना है कि विनोद कुमार चोरी के आरोप में उन्नाव के सोहरामऊ थाने से जेल भेजा जा चुका है। उसे हर रविवार को बंथरा थाने आकर हाजिरी लगाने को कहा गया था मगर वह नहीं आ रहा था। इसी वजह से पूछताछ के लिए उसे बुलाया गया था। हालांकि, उन्नाव के थाना सोहरामऊ से जेल गए विनोद को बंथरा थाने बुलाकर हाजिरी लगाने का कारण इंस्पेक्टर नहीं बता सके। मगर विनोद की पिटाई के आरोप को उन्होंने बेबुनियाद बताया है।