‘भारत के मन की बात’ से भाजपा सजाएगी चुनावी बिसात, यूपी के हर लोकसभा क्षेत्र में दौड़ेंगी वीडियो वैन
मिशन 2019 की फतह के लिए बजट से लेकर अभेद्य चुनावी व्यूह रचना और जमीन तक संपर्क व संवाद के साथ सरोकारों पर जुड़ाव के संदेश से पकड़ व पहुंच बनाने में जुटी भाजपा ने अब जनता के मन की बात टटोलकर चुनावी बिसात बिछाने की तैयारी की है।
पार्टी के रणनीतिकारों की कोशिश अभियान के बहाने आम लोगों से भावनात्मक स्तर पर जुड़ने की भी है। ‘भारत के मन की बात’ नाम से चलने वाले इस अभियान की शुरुआत रविवार को दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कर दी। प्रदेश में सोमवार को लखनऊ से इस अभियान की शुरुआत हो सकती है।
अभियान के तहत भाजपा की वीडियो वैन जहां लोगों को मोदी और योगी सरकार की योजनाओं और इरादों के बारे में जगह-जगह लोगों को बताएंगी। वहीं, वीडियो वैन पर लगी सुझाव पेटिकाओं में लोग अपने सुझाव और अपेक्षाएं लिखकर भी डाल सकेंगे। सभी सुझाव लोकसभा प्रभारी को दे दिए जाएंगे। लोकसभा प्रभारी इन सुझावों का विवरण प्रदेश नेतृत्व के माध्यम से केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगा।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में भी विधानसभा प्रभारी और विधानसभा संयोजक की देखरेख में तहसील या ब्लॉक मुख्यालय पर भाजपा की सुझाव पेटिकाएं लगेंगी। इनमें भी लोग अपने सुझाव व अपेक्षाएं लिखकर डाल सकेंगे। इन्हें भी एकत्र कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। लोकसभा क्षेत्रों में वीडियो वैन का संचालन संबंधित क्षेत्र के लोकसभा प्रभारी और संयोजक की देखरेख में होगा। भाजपा के प्रदेश मंत्री संतोष सिंह को अभियान का प्रदेश स्तर पर समन्वयक बनाया गया है।
सांसदों व विधायकों के जनाधार व लोकप्रियता का भी आकलन
अभियान के तहत एक वीडियो वैन लोकसभा के एक क्षेत्र में एक महीने दौरा कर जनता का मन टटोलेगी और लोगों की अपेक्षाओं व आवश्यकताओं का ब्योरा एकत्र कर राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपेगी। इन्हें शामिल कर भाजपा के रणनीतिकार 2019 के लिए पार्टी का संकल्प पत्र तैयार करेंगे।
दरअसल, रणनीतिकारों की कोशिश भाजपा के चुनावी अभियान को देश की जनता के मनोभावनाओं से जोड़कर चलाने की है। उन्होंने इस बहाने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। इससे जनता के मन में क्या कुछ चल रहा है, रणनीतिकारों को इसकी थाह हो जाएगी। इसके आधार पर वे चुनावी रणनीति को और दुरुस्त कर सकेंगे।
वहीं, भाजपा कार्यकर्ताओं का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सीधा संवाद भी हो जाएगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा ने इस बहाने केंद्र और राज्य सरकार के कामों की अलग-अलग क्षेत्र की स्थिति भी समझने की तैयारी की है। साथ ही पार्टी के सांसदों, विधायकों की क्षेत्र में लोकप्रियता के साथ कराए गए कामों की स्थिति का आकलन करने की भी तैयारी की है।