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विधानसभा चुनाव से पहले ही यूपी भाजपाइयों की होगी परीक्षा

Thu, 23 Jul 2015 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 23 Jul 2015 10:31 PM IST
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BJP's plan to reach backward and dulits.

भाजपा के पिछड़े व दलित वर्ग के नेताओं को उनके जनाधार की कसौटी पर कसने का फैसला किया गया है। इसके लिए इन नेताओं को महासंपर्क अभियान के दौरान विशेष सदस्यता अभियान और सक्रिय सदस्यता की जिम्मेदारी देकर लक्ष्य तय होंगे। नेताओं को तय समय में पिछड़े व दलित वर्ग के लोगों के बीच जाकर उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलानी होगी।

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इस इम्तिहान में पास न होने वाले नेताओं के लिए भविष्य में पार्टी में पद-प्रतिष्ठा पाना कठिन होगा। तय किया गया है कि पार्टी में इन वर्गों के नेताओं को अपनी जातियों के बीच भेजा जाए और उन्हें सक्रिय सदस्य बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
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ऐसे होगी परीक्षा
इन वर्गों के नेताओं को सक्रिय सदस्य बनाने के दौरान नए व पुरानों का वर्गीकरण कर ब्यौरा तैयार करना होगा। यह काम आसान नहीं। कारण, सक्रिय सदस्य वही बन सकता है जिसने सौ लोगों को प्राथमिक सदस्य बनाया है।
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स्वाभाविक है कि प्रदेश स्तर पर इन वर्गों के चेहरे के तौर पर संगठन से लेकर चुनावी राजनीति तक निर्णायक भूमिका में रहने वाले नेताओं को अगर 10 भी नए सक्रिय सदस्य बनाने हुए तो उन्हें कम से कम एक हजार प्राथमिक सदस्यों की जरूरत होगी।

यह बहुत आसान काम नहीं लगता। खासतौर से उन चेहरों के लिए जिन्होंने प्राथमिक सदस्यता अभियान के दौरान प्राथमिक सदस्यता कराने पर बहुत ध्यान नहीं दिया है।

निगाहें 2017 पर

BJP's plan to reach backward and dulits.

रणनीति से साफ है कि भाजपा सदस्यता अभियान के सहारे 2017 के चुनाव की तैयारियों का खाका खींचने में जुटी है। इसी वजह से पिछड़े व दलित वर्ग पर विशेष फोकस है। जिससे पार्टी के पिछड़े व दलित वर्ग के नेताओं का अपने समाज के बीच संपर्क दुरुस्त हो सके।

पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि इससे इन नेताओं का अपने समाज के बीच जाना तो जरूरी हो ही जाएगा। जब सदस्य बनाने की कोशिश करेंगे तो स्वाभाविक रूप से इन जातियों के एक बड़े तबके की पार्टी से नजदीकी बढ़ेगी। उन्हें भी लगेगा कि भाजपा सिर्फ अगड़ों की पार्टी नहीं।

बताएंगे ये काम
नेता लोगों को सामाजिक न्याय समिति के बारे में जानकारी देकर बताएंगे कि सूबे में राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछड़ों व दलितों को आबादी के हिसाब से नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था की थी। यह जानकारी भी देंगे कि अंबेडकर की जन्मभूमि मुहू (मध्यप्रदेश) हो या दीक्षा भूमि नागपुर।

उनके दिल्ली स्थित निवास 26 अलीपुर रोड की कोठी हो अथवा मुंबई की जुहू स्थित अंबेडकर का अंत्येष्टि स्थल चैतभूमि। सभी के विकास का काम भाजपा ने किया। कई काम अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरू किए। उन्हें मोदी सरकार ने आगे बढ़ाया।

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