यूपी चुनाव में अब बुर्का के सहारे वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश
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बूचड़खाना... कब्रिस्तान... ईद पर निर्बाध बिजली... और अब बुर्का। यूपी विधानसभा चुनाव में ऐसे कई मुद्दे उठाकर ध्रुवीकरण की कोशिश करने वाली भाजपा ने फर्जी मतदान की जांच के बहाने अंतिम दो चरणों से पहले बुर्के का मुद्दा उठाकर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है।
दरअसल, छठे चरण में जिन 7 जिलों में चुनाव होने हैं, वहां मुस्लिम वोटरों की संख्या काफी ज्यादा है। इनकी भूमिका निर्णायक मानी जाती है। कहा जा रहा है कि बुर्के का मुद्दा उठाकर भाजपा ने मुस्लिम वोटों में बंटवारे की कोशिश की है।
पोलिंग बूथों में बुर्कानशीन वोटरों की जांच के लिए महिला पुलिस तैनात करने की मांग उठाकर भाजपा ने पूर्वांचल में चुनाव से पहले नई बहस छेड़ दी है।
माना जा रहा है कि चुनावी चक्रव्यूह का छठा व सातवां द्वार जीतने के लिए भाजपा ने बुर्के के बहाने वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश की है। शनिवार को पूर्वांचल के जिन 7 जिलों की 49 सीटों पर मतदान होगा, वहां जातियों के गुणा-भाग के बीच अब मुस्लिम वोटों की भूमिका अहम हो गई है।
छठे चरण में ये है सियासी गणित
छठे चरण में कुल 47 मुस्लिम उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें सपा ने सात सीटों पत्थरदेवा, रामपुर कारखाना, गोपालपुर, निजामाबाद, दीदारगंज, मऊ और सिकंदरपुर में मुस्लिम प्रत्याशी उतारे हैं। कांग्रेस ने पनियारा में मुस्लिम प्रत्याशी दिया है। बसपा ने 8 मुस्लिमों को टिकट दिया है।
ये नौतनवां, पिपराइच, पडरौना, मुबारकपुर, फूलपुर पवई, लालगंज, घोसी और मऊ सीट पर लड़ रहे हैं। मऊ में माफिया मुख्तार अंसारी और घोसी में उनके बेटे अब्बास अंसारी बसपा प्रत्याशी हैं। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम और पीस पार्टी के कई प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
प्रदेश में 5 चरणों में 313 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो चुके हैं। इनमें सहारनपुर, बिजनौर, रामपुर, बरेली और संभल जैसे जिलों में मुस्लिम आबादी 30 से 49 फीसदी से बीच है। अन्य चरणों में भी कुछ जिले मुस्लिम बहुल हैं।
इन जिलों में चुनाव के दौरान भाजपा ने बुर्के का सवाल नहीं उठाया था। अब आखिरी दो चरणों में मतदान से पहले बुर्कानशीनों पर फर्जी मतदान का शक जाहिर करना, उनकी जांच के लिए पोलिंग बूथों में महिला पुलिस की तैनाती की मांग करने के पीछे वोटों के ध्रुवीकरण की मंशा है।
बुर्के के सहारे फर्जी मतदान का लगाया आरोप
यह मांग तब की गई है जबकि सभी जानते हैं कि पोलिंग बूथों में पुलिस तैनात नहीं की जाती है। महिला वोटरों की जांच के लिए पोलिंग पार्टी में महिला कर्मचारी को रखा जाता है।
इसके बावजूद भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने शुक्रवार को प्रदेश भाजपा की बुर्कानशीं महिलाओं की जांच की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि फर्जी मतदान करते समय बुर्के का दुरुपयोग होता है।
उन्होंने एटा के एक मतदान केंद्र पर मुस्लिम महिलाओं द्वारा फर्जी मतदान करने का आरोप भी लगा दिया। इससे पहले भाजपा कब्रिस्तान-श्मशान और रमजान-दिवाली पर बिजली आपूर्ति में भेदभाव जैसे मुद्दे उठाकर चुनाव को ध्रुवीकरण की तरफ ले जाने की कोशिश कर चुकी है।
छठे चरण में मुस्लिम वोटों के रुझान पर है नजर
छठे चरण के तहत जिन 7 जिलों में शनिवार को मतदान होना है, उनमें मुस्लिम आबादी 6 से 19 फीसदी के बीच है लेकिन उनका रुझान चुनावी अखाड़े के तीनों पहलवानों सपा, बसपा और भाजपा के लिए महत्वपूर्ण होगा।
इन सात जिलों में महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर और गोरखपुर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी तथा आजमगढ़, मऊ व बलिया पूर्वी जिले माने जाते हैं। चारों उत्तर-पूर्वी जिलों में विधानसभा की 28 सीटें तथा तीन पूर्वी जिलों में 21 सीटें हैं।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कुल 49 सीटों में सपा को 27 सीटें मिली थीं। 15 सीटों पर वह दूसरे नंबर पर रही थी। सपा को पूर्वी जिलों में 21 में से 16 तथा उत्तर-पूर्व के जिलों में 28 में से 11 सीटें मिली थीं। भाजपा को उत्तर-पूर्व में 6 और पूरब के तीन जिलों में 1 सीट ही मिल सकी थी।
इसी तरह बसपा ने उत्तर-पूर्व के 4 जिलों में 6 और पूरब के तीन जिलों में 3 सीटें हासिल की थीं। कौमी एकता दल ने एक सीट जीती थी और एक पर वह रनर रहा था। चुनाव से पहले का सामाजिक समीकरण इस बार थोड़ा बदला हुआ है। सपा, सपा और भाजपा मजबूती से चुनाव लड़ती दिख रही हैं। दो-तीन सीटों को छोड़ दें तो अन्य स्थानों पर इन्हीं दलों में पहले-दूसरे नंबर की लड़ाई चल रही है।
ये है भाजपा की मुश्किल
भाजपा ने अति पिछड़े वोटों की लामबंदी की है लेकिन कई सीटों पर निषाद पार्टी के उम्मीदवार मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
सियासी दलों का पूरा समीकरण जातियों की गोलबंदी पर सिमटता दिख रहा है। ऐसे में भाजपा के खिलाफ मुस्लिम मतों का रुझान जिस दल के पक्ष में रहेगा, उसे लाभ होगा। वहीं, मुस्लिम मतों के बंटवारे से भाजपा फायदे में रहेगी।
6 सीटों पर 20 से 29 फीसदी मुस्लिम वोट
कुशीनगर की खड्डा, फाजिलनगर व कुशीनगर, आजमगढ़ की मुबारकपुर व निजामाबाद और मऊ जिले की मऊ विधानसभा सीट पर मुस्लिम वोटों की तादाद 20 से 29 प्रतिशत के बीच मुस्लिम वोट हैं। अन्य सीटों पर इनकी संख्या 6 से 19 प्रतिशत तक है।
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इस पर राज्यसभा सदस्य और कैबिनेट मंत्री आजम खां की पत्नी मतदान को लेकर मुस्लिम महिलाओं की जागरूकता बढ़ी है, वे बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंच रही हैं।
भाजपा को लगता है कि मुसलमान उसके पक्ष में मतदान नहीं कर रहे हैं, इसलिए वह बुर्कानशीन महिलाओं की जांच की मांग उठाकर उन्हें डराना चाहती है। वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश में भाजपा शुरू से लगी हुई है।
बुर्कानशीनों की जांच की मांग उसी की अगली कड़ी है। यही नहीं, भाजपा मुर्दों का भी बंटवारा कर रही है। मैंने जो सांसद आदर्श गांव कसियाकुंडा चुना है, उसमें कब्रिस्तान के साथ ही श्मशान भी बनवाया है।
छह सीटों पर 20 से 29 फीसदी मुस्लिम वोट
खड्डा(कुशीनगर)
फाजिलनगर (कुशीनगर)
कुशीनगर(कुशीनगर)
मुबारकपुर(आजमगढ़)
निजामाबाद(आजमगढ़)
मऊ(मऊ)
जिलावार मुस्लिम आबादी
जिला--आबादी (प्रतिशत)
मऊ--19.04
कुशीनगर--16.86
महराजगंज--16.46
आजमगढ़--15.00
देवरिया--11.39
गोरखपुर--9.15
बलिया--6.57
2012 में 7 जिलों की चुनावी तस्वीर
महराजगंज: कुल सीटें-5
विनर: सपा-2, बसपा-1, कांग्रेस-1, भाजपा-1
रनर: भाजपा-2, कांग्रेस-1, सपा-1, बसपा-1
गोरखपुर : कुल सीटें-9
विनर: बसपा-4, भाजपा-3, सपा-1, एनसीपी-1
रनर: सपा-6, बसपा-2, भाजपा-1
कुशीनगर: कुल सीटें-7
विनर: सपा-3, कांग्रेस-2, भाजपा-1, बसपा-1
रनर: बसपा-3, भाजपा-2, सपा-1, कांग्रेस-1
देवरिया: कुल सीटें-7
विनर: सपा-5, कांग्रेस-1, भाजपा-1
रनर: बसपा-3, सपा-1, भाजपा-2, निर्दलीय-1
आजमगढ़ : कुल सीटें-7
विनर: सपा-9, बसपा-1
रनर: बसपा-9, सपा-1
मऊ : कुल सीटें-4
विनर: सपा-2, बसपा-1, कौएद-1
रनर: बसपा-3, सपा-1
बलिया : कुल सीटें-7
विनर: सपा-5, भाजपा-1, बसपा-1
रनर: भाजपा-2, बसपा-2, सपा-2, कौएद-2