नागरिकता संशोधन कानून पर लोगों के संदेह दूर करेगी भाजपा, कहा- ये मुस्लिमों के खिलाफ नहीं
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35 ए की विदाई कर, तीन तलाक पर कानून बनाकर और अब नागरिकता संशोधन विधेयक पारित कराकर भाजपा ने न सिर्फ इतिहास रचा है बल्कि अपने घोषणा पत्र के वादे पूरे किए हैं। मोदी सरकार ने आजादी के समय से देश के माथे पर लगे इन दागों को धोकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की कल्पना को हकीकत में बदला है।
राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों को बताना चाहिए कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी और सिख भारत के अलावा कहां शरण लें। ये सभी शनिवार को यहां भाजपा मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश और बिहार की संयुक्त कार्यशाला में बोल रहे थे।
कार्यशाला में समझाया गया कि लोगों को बताएं कि विभाजन की मांग मुस्लिम लीग ने की थी। तब कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन क्यों स्वीकार किया। विभाजन के कारण तमाम लोगों को काफी मुसीबतें उठानी पड़ीं। इन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार देने के लिए नागरिकता संशोधन कानून बनाया गया है।
कार्यशाला को प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, विजय बहादुर पाठक, विद्यासागर सोनकर, बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता हीरो वाजपेयी, मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित भी शामिल हुए।
अल्पसंख्यकों के विरुद्ध नहीं कानून
वक्ताओं ने कहा, लोगों को यह भी बताएं कि यह कानून अल्पसंख्यकों के विरुद्ध नहीं है। बांग्लादेश में 1947 में हिंदू 22 प्रतिशत थे। वे 2011 में 7.8 प्रतिशत रह गए। पाकिस्तान में 1947 में हिंदुओं की आबादी 23 प्रतिशत थी। यह 2011 में मात्र 3.2 प्रतिशत रह गई।
भारत में 1951 की जनगणना के अनुसार मुस्लिम आबादी 9.8 प्रतिशत थी। यह 2019 में 14.23 प्रतिशत हो गई। पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं बांग्लादेश के सर्वोच्च पदों पर किसी हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी या सिख को काम करने का मौका नहीं मिला।
राजनीतिक कारणों से फैलाया जा रहा भ्रम
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अनिल जैन और प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि नागरिकता कानून पर कुछ लोक राजनीतिक कारणों से भ्रम फैला रहे हैं। इस कानून से न तो देश के मुसलमानों को कोई खतरा है और न पूर्वोत्तर राज्यों की पहचान को। कानून में पूरी स्पष्टता से विभाजन की विभीषिका झेलने वाले लाखों लोगों को कष्टों सेे उबारने के लिए नागरिकता देने की व्यवस्था की गई है।
भाजपा नेता शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। डॉ. सुधांश त्रिवेदी ने रेप वाले बयान के लिए राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि वह जिस तरह माफी न मांगने पर अड़े हैं, उसके लिए देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
इससे पहले दोनों पार्टी मुख्यालय पर संशोधित नागरिकता कानून पर प्रदेश और बिहार की संयुक्त कार्यशाला हुई। जिमसें भाग लेने वालों को इस कानून के बारे में बताकर उन्हें लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जैन व त्रिवेदी ने कहा कि लोगों को बताया जाए कि इस कानून से वर्षों से प्रताड़ना झेल रहे हिंदुओं, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और सिखों को नारकीय जीवन से छुटकारा मिलेगा। विधेयक को पारित कराने से पहले गृहमंत्री अमित शाह ने ढाई सौ से ज्यादा प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर विचार-विमर्श किया। उसके बाद इस विधेयक को लाया गया।
सभी तैयार हों तो हमें स्वीकार
त्रिवेदी ने चुटकी ली कि पाकिस्तान और बांग्लादेश या अफगानिस्तान के मुस्लिम भी भारत की नागरिकता लेने के इतने ही इच्छुक हैं तो सभी लोगों को गलती सुधारते हुए वापस भारत की नागरिकता ले लेनी चाहिए, हम तैयार हैं। इससे बृहत्तर भारत का सपना साकार हो जाएगा। कहा कि जो लोग इस कानून पर भ्रम फैलाकर मुसलमानों को डरा रहे हैं, उन्हें इस बात का भी जवाब देना चाहिए कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी एकदम खत्म होने के करीब कैसे पहुंच गई और भारत में मुस्लिम आबादी 9 प्रतिशत से 14.5 प्रतिशत तक कैसे पहुंच गई।
राहुल की गलती अक्षम्य
त्रिवेदी ने राहुल गांधी के रेप इन इंडिया के बयान पर माफी न मांगने पर कहा कि राहुल गांधी में बाल सुलभ उच्छंखलता है। इसलिए उन्होंने माफी न मांगने का बालहठ कर रखा है। राहुल गांधी की यह गलती अक्षम्य है। देश उन्हें माफ नहीं करेगा। उन्होंने चुटकी ली कि राहुल ने राफेल पर भी देश से माफी नहीं मांगी जब कोर्ट पहुंचे तो माफी मांगी।