बाबरी ध्वंस: भाजपाई का आत्मसमर्पण, रिहा
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अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज ने आखिरकार शनिवार को विशेष अदालत में समर्पण कर दिया।
तारीख पर पेश नहीं होने पर अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और फरारी की उद्घोषणा जारी कर रखी थी।
विशेष न्यायाधीश शशि मौली तिवारी ने सांसद की अर्जी पर सुनवाई के बाद गिरफ्तारी वारंट और फरारी की उद्घोषणा को वापस लेते हुए उन्हें रिहा कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।
अदालत से गुजारिश
साक्षी महाराज ने कोर्ट में आत्म समर्पण करके गिरफ्तारी वारंट और फरारी की अर्जी वापस लिए जाने की गुजारिश की।
अर्जी में उन्होंने बताया कि संसदीय कार्यवाही में व्यस्त होने की वजह से तारीख पर हाजिर नहीं हो पाया जिससे उनके खिलाफ पहले कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट फिर फरारी की उद्घोषणा जारी की थी।
गौरतलब है कि इस मामले की सुनवाई के समय गत 14 जुलाई को भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह, साक्षी महाराज, पूर्व विधायक पवन पांडेय समेत 6 आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे।
सुनवाई के लिए नहीं आया वकील
इन सभी की ओर से हाजिरी माफ करने की मांग वाली अर्जी दी गई थी परंतु सुनवाई के समय इनकी ओर से कोई वकील हाजिर नहीं हुआ था।
इस पर कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अगली तारीख पर गोंडा से सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह सहित 4 आरोपियों ने गिरफ्तारी वारंट के आदेश को कोर्ट में हाजिर होकर वापस करा लिया था।
वहीं साक्षी महाराज के कोर्ट में हाजिर न होने पर कोर्ट ने 19 जुलाई को गिरफ्तारी वारंट के साथ ही साक्षी महाराज के फरार होने की उद्घोषणा जारी करने का आदेश दिया था।