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गोरखपुर विवि के फैसले के खिलाफ अड़े भाजपा विधायक, राज्यपाल को फिर पत्र भेज कहा, नियमों के खिलाफ
Sun, 20 Jan 2019 09:17 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 20 Jan 2019 09:17 AM IST
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गोरखपुर से भाजपा विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने राज्यपाल रामनाईक को पत्र भेजकर गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के विश्वविद्यालय में तकनीकी और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के फैसले के विरोध में 8 दिसंबर को दिए गए ज्ञापन पर जल्द निर्णय का आग्रह किया है।
साथ ही ध्यान आकृष्ट किया है कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे ने बी.वी.आर. मोहन रेड्डी की रिपोर्ट को शब्दश: स्वीकार कर लिया है। जिसमें देश में अब नए तकनीकी और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की जरूरत से इन्कार किया गया है। भाजपा विधायक ने राज्यपाल से इस रिपोर्ट के मद्देनजर ज्ञापन पर जल्द निर्णय का आग्रह किया है।
भाजपा विधायक ने राज्यपाल को भेजे पत्र में याद दिलाया है कि 8 दिसंबर को सपरिवार मुलाकात के दौरान पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा तकनीकी और इन्जीनियरिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्णय के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा था।
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ज्ञापन में विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के विरोध में उठाए गए बिंदुओं में एक यह भी था कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे ने नैसकाम के चेयरमैन बीवीआर मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी।
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साथ ही ध्यान आकृष्ट किया है कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे ने बी.वी.आर. मोहन रेड्डी की रिपोर्ट को शब्दश: स्वीकार कर लिया है। जिसमें देश में अब नए तकनीकी और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की जरूरत से इन्कार किया गया है। भाजपा विधायक ने राज्यपाल से इस रिपोर्ट के मद्देनजर ज्ञापन पर जल्द निर्णय का आग्रह किया है।
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भाजपा विधायक ने राज्यपाल को भेजे पत्र में याद दिलाया है कि 8 दिसंबर को सपरिवार मुलाकात के दौरान पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा तकनीकी और इन्जीनियरिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्णय के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा था।
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ज्ञापन में विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के विरोध में उठाए गए बिंदुओं में एक यह भी था कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे ने नैसकाम के चेयरमैन बीवीआर मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी।
समिति की रिपोर्ट अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् को सौंप भी दी गई है। जिसमें कहा गया है कि देश में अब नए तकनीकी और इन्जीनियरिंग कालेज खोलने की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही पहले से संचालित तकनीकी और इन्जीनियरिंग कालेज पाठ्यक्रमों पर पुनर्विचार की जरूरत है।
स्वीकृत हो चुकी है रिपोर्ट
भाजपा विधायक ने लिखा है कि जब उन्होंने ज्ञापन दिया था तब यह रिपोर्ट अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् के समक्ष विचाराधीन थी। लिखा है कि उनकी जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट को परिषद ने शब्दश: स्वीकार कर लिया है। इसलिए आग्रह है कि ज्ञापन पर जल्द से जल्द निर्णय करें।
स्वीकृत हो चुकी है रिपोर्ट
भाजपा विधायक ने लिखा है कि जब उन्होंने ज्ञापन दिया था तब यह रिपोर्ट अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् के समक्ष विचाराधीन थी। लिखा है कि उनकी जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट को परिषद ने शब्दश: स्वीकार कर लिया है। इसलिए आग्रह है कि ज्ञापन पर जल्द से जल्द निर्णय करें।