'मिशन यूपी' को साधने फिर मैदान में उतरेंगे भाजपाई!
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भाजपा सदस्यता अभियान की हकीकत जांचने और 1.50 करोड़ का लक्ष्य पूरा करने के लिए 15 मार्च से विशेष अभियान शुरू करेगी। यह अभियान 25 मार्च तक चलेगा।
इस दौरान बूथ-बूथ भाजपाइयों का डेरा रहेगा। इसमें खासतौर से सांसद व विधायक शामिल होंगे। अभियान के दौरान सक्रिय सदस्यता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही नए सदस्यों को भी पार्टी से जोड़ा जाएगा। जो लोग सौ लोगों को सदस्य बना देंगे उन्हें सक्रिय सदस्यता का फॉर्म भरना होगा।
पार्टी के रणनीतिकारों की मानें तो व्यक्तिगत सदस्यता अभियान से पार्टी की सदस्यता की जमीनी सच्चाई भी सामने आ जाएगी। इस अभियान में किसी भी ब्लॉक में सदस्यता का क्रमांक वहां से शुरू होगा जिस नंबर तक सदस्य बनाए जा चुके हैं।
यह क्रमांक दिल्ली से निर्धारित होगा। इसलिए अगर कहीं पूर्व लोगों को ही सदस्य बनाया गया तो पोल खुल जाएगी।
पार्टी में है सक्रिय सदस्यों की बेहद कमी
जानकारी के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सदस्यता का आंकड़ा जहां 1.50 करोड़ से ऊपर पहुंचाना है, वहीं पार्टी की सक्रिय सदस्यता में भी बढ़ोतरी करना है।
दरअसल, पार्टी के पास अब तक जो आंकड़ा पहुंचा है उसके अनुसार, इतना सब कुछ होने के बावजूद ज्यादातर ब्लॉकों में 15 से 25 लोग ही सौ या उससे ऊपर प्राथमिक सदस्य बना सके हैं। इससे पार्टी को सक्रिय सदस्यों का टोटा नजर आ रहा है।
पार्टी के संविधान के मुताबिक, सौ प्राथमिक सदस्य बनाने वाला ही सक्रिय सदस्य हो सकता है। पार्टी की कोशिश है कि प्रत्येक ब्लॉक में भाजपा के पास कम से कम इतने सक्रिय सदस्य जरूर रहें जितनी ग्राम पंचायतें हैं।
इसलिए पार्टी ने प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम 50 लोगों को सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। यह अभियान इस लक्ष्य को फोकस करके भी शुरू किया जा रहा है।