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लखनऊ में भाजपा नेता के चाचा की हत्या कर आउटर रिंग रोड पर फेंका शव
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मोहनलालगंज (लखनऊ)। भाजपा अवध क्षेत्र के मंत्री के चाचा मोहनलालगंज के गोपालखेड़ा निवासी मुकेश सिंह (46) का शव शुक्रवार सुबह हरकंशगढ़ी के पास आउटर रिंग रोड के किनारे पड़ा मिला। मृतक के गले में निशान मिले हैं। घरवालों ने अगवा कर हत्या किए जाने की बात कही है। पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मुकेश बृहस्पतिवार रात से लापता थे। उनकी बाइक गोपालखेड़ा पुल पर पड़ी मिली थी।
एडीसीपी दक्षिणी राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक मुकेश बृहस्पतिवार शाम बाजार जाने की बात कह घर से निकले थे। वह गांव के पास पुलिया के करीब एक दुकान पर काफी देर तक रुके रहे। इसी बीच किसी की कॉल आई तो वह बाइक से हरिकंशगढ़ी गांव के पास पहुंचे, जहां लोगों ने उन्हें सफेद कार में बैठते देखा। रात 11 बजे तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिवारीजनों ने मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन रिंग बजने के बावजूद फोन नहीं उठा। इस पर मुकेश के भाई सुबोध सिंह ने मोहनलालगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
रातभर तलाश करती रही पुलिस
प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज अखिलेश कुमार मिश्रा के मुताबिक रात को गुमशुदगी दर्ज करने के बाद मुकेश के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया तो उनकी लोकेशन हरिकंशगढ़ी में मिली। वहां पहुंचकर एक से डेढ़ किमी का दायदा खंगाला गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। मुकेश का एक मोबाइल रात 11 बजे से ही बंद हो गया था, जबकि दूसरा मोबाइल भी तड़के बंद हो गया। शुक्रवार सुबह आउटर रिंग रोड से गुजर रहे लोगों ने सड़क किनारे शव पड़े होने की सूचना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शिनाख्त के लिए परिवारीजनों को बुलाया। शिनाख्त होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक मुकेश के भाई विनोद सिंह भाजपा के पूर्व पदाधिकारी रहे हैं। उनके भतीजे विकास सिंह वर्तमान में भाजपा अवध क्षेत्र के मंत्री हैं।
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गला कस कर मारने की संभावना
मुकेश के गले पर निशान थे। इससे आशंका जाहिर की जा रही है कि किसी पतले तार या रस्सी से गला घोंटने से मौत हुई है। हालांकि, पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। पुलिस उनके मुकेश दोनों मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाल रही है।
एक चप्पल पैर में दूसरी खेत में मिली
आउटर रिंगरोड पर जहां मुकेश का शव पड़ा था, वहां से 25 मीटर की दूरी पर एक खेत में उनका एक मोबाइल व एक चप्पल पड़ी मिली, जबकि दूसरी चप्पल पैर में ही थी। पुलिस कयास लगा रही है कि शव को आउटर रिंग रोड किनारे फेंकने के बाद मोबाइल व चप्पल खेत में फेंक दिया गया होगा।
आशंका, परिचितों ने ही की वारदात
भाई सुबोध के मुताबिक मुकेश की तलाश के दौरान उनकी बाइक गोपालखेड़ा पुल पर एक दुकान के बाहर लावारिस हालत में मिली। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि बाइक खड़ी करने के बाद मुकेश एक कार में बैठकर चले गए थे। एडीसीपी दक्षिणी के मुताबिक मुकेश के साथ जो भी वारदात हुई है, उसमें किसी परिचित का हाथ है।
लेनदेन सहित कई बिंदुओं पर पड़ताल
शव मिलने की सूचना पर डीसीपी दक्षिणी गोपाल कृष्ण चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सीओ मोहनलालगंज दिलीप कुमार सिंह व इंस्पेक्टर मोहनलालगंज अखिलेश मिश्र को वारदात के जल्द खुलासे का निर्देश दिया। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक मुकेश के गले में निशान मिले हैं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मौत की असली वजह सामने आएगी। पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मुकेश कंप्यूटर वर्कशॉप चलाने के साथ प्रॉपर्टी का भी काम करते थे। इसलिए लेनदेन सहित अन्य बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।
पत्नी व बच्चों के नहीं थम रहे आंसू
मुकेश अपने चार भाइयों विनोद सिंह, प्रमोद सिंह, सुबोध सिंह में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी अंजू व बेटा अमन व बेटी हिमांशी है। मुकेश का शव मिलने के बाद से पत्नी व बच्चों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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एडीसीपी दक्षिणी राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक मुकेश बृहस्पतिवार शाम बाजार जाने की बात कह घर से निकले थे। वह गांव के पास पुलिया के करीब एक दुकान पर काफी देर तक रुके रहे। इसी बीच किसी की कॉल आई तो वह बाइक से हरिकंशगढ़ी गांव के पास पहुंचे, जहां लोगों ने उन्हें सफेद कार में बैठते देखा। रात 11 बजे तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिवारीजनों ने मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन रिंग बजने के बावजूद फोन नहीं उठा। इस पर मुकेश के भाई सुबोध सिंह ने मोहनलालगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
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रातभर तलाश करती रही पुलिस
प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज अखिलेश कुमार मिश्रा के मुताबिक रात को गुमशुदगी दर्ज करने के बाद मुकेश के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया तो उनकी लोकेशन हरिकंशगढ़ी में मिली। वहां पहुंचकर एक से डेढ़ किमी का दायदा खंगाला गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। मुकेश का एक मोबाइल रात 11 बजे से ही बंद हो गया था, जबकि दूसरा मोबाइल भी तड़के बंद हो गया। शुक्रवार सुबह आउटर रिंग रोड से गुजर रहे लोगों ने सड़क किनारे शव पड़े होने की सूचना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शिनाख्त के लिए परिवारीजनों को बुलाया। शिनाख्त होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक मुकेश के भाई विनोद सिंह भाजपा के पूर्व पदाधिकारी रहे हैं। उनके भतीजे विकास सिंह वर्तमान में भाजपा अवध क्षेत्र के मंत्री हैं।
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गला कस कर मारने की संभावना
मुकेश के गले पर निशान थे। इससे आशंका जाहिर की जा रही है कि किसी पतले तार या रस्सी से गला घोंटने से मौत हुई है। हालांकि, पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। पुलिस उनके मुकेश दोनों मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाल रही है।
एक चप्पल पैर में दूसरी खेत में मिली
आउटर रिंगरोड पर जहां मुकेश का शव पड़ा था, वहां से 25 मीटर की दूरी पर एक खेत में उनका एक मोबाइल व एक चप्पल पड़ी मिली, जबकि दूसरी चप्पल पैर में ही थी। पुलिस कयास लगा रही है कि शव को आउटर रिंग रोड किनारे फेंकने के बाद मोबाइल व चप्पल खेत में फेंक दिया गया होगा।
आशंका, परिचितों ने ही की वारदात
भाई सुबोध के मुताबिक मुकेश की तलाश के दौरान उनकी बाइक गोपालखेड़ा पुल पर एक दुकान के बाहर लावारिस हालत में मिली। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि बाइक खड़ी करने के बाद मुकेश एक कार में बैठकर चले गए थे। एडीसीपी दक्षिणी के मुताबिक मुकेश के साथ जो भी वारदात हुई है, उसमें किसी परिचित का हाथ है।
लेनदेन सहित कई बिंदुओं पर पड़ताल
शव मिलने की सूचना पर डीसीपी दक्षिणी गोपाल कृष्ण चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सीओ मोहनलालगंज दिलीप कुमार सिंह व इंस्पेक्टर मोहनलालगंज अखिलेश मिश्र को वारदात के जल्द खुलासे का निर्देश दिया। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक मुकेश के गले में निशान मिले हैं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मौत की असली वजह सामने आएगी। पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मुकेश कंप्यूटर वर्कशॉप चलाने के साथ प्रॉपर्टी का भी काम करते थे। इसलिए लेनदेन सहित अन्य बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।
पत्नी व बच्चों के नहीं थम रहे आंसू
मुकेश अपने चार भाइयों विनोद सिंह, प्रमोद सिंह, सुबोध सिंह में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी अंजू व बेटा अमन व बेटी हिमांशी है। मुकेश का शव मिलने के बाद से पत्नी व बच्चों के आंसू नहीं थम रहे हैं।