यूपी में मुखियाविहीन सरकार चलाने का प्रयोग कर रही भाजपा: अखिलेश यादव
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सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को नफरत फैलाने की बीमारी है। वह समाज में नफरत फैलाने और उत्तर प्रदेश में मुखियाविहीन सरकार चलाने के अभूतपूर्व प्रयोग के अलावा कुछ नहीं कर रही है।
जनता 2022 में भाजपा की नफरत फैलाने की बीमारी का इलाज करेगी। राज्य सरकार में तीन शख्सियतें हैं और कोई किसी से कम नहीं। एक किसी को प्रमुख नहीं मानते क्योंकि उनके तार सीधे दिल्ली से जुड़े हैं।
सपा अध्यक्ष ने जारी बयान में कहा कि प्रशासन का सर्वोच्च पद मुख्य सचिव का काम कार्यवाहक से चलाया जा रहा है। कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) पद पर भी किसी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। बची-खुची कसर अब डीजीपी पद पर स्थायी नियुक्ति करने के बजाय उस पर भी कार्यवाहक बैठाकर पूरी कर दी गई है।
भाजपा सरकार की इसी नीति के चलते प्रदेश में शासन-प्रशासन की साख नहीं बची है। प्रशासन तंत्र पूरी तरह पंगु हो गया है। तमाम परियोजनाएं पिछड़ती जा रही हैं। कानून-व्यवस्था की हालत अत्यंत दयनीय है।
गड्ढे भर नहीं पाए, गंगा सफाई का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि सड़कों के गड्ढे भरने में पूरी तरह नाकामयाब रहे मंत्री गंगा सफाई का दावा करने लगे हैं। गंगा यात्रा में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी धन पानी की तरह बहाया जा रहा है, लेकिन गंगा किनारे बसे केवटों, गोताखोरों के हित के लिए एक शब्द भी नहीं कहा जा रहा।
गोशालाओं में जाकर गायों को गुड़-चना खिलाने वालों के पास इसका क्या जवाब है कि सरकारी गोशालाओं में गाय कैसे दम तोड़ रही हैं। गोमाता और गंगा मइया भाजपा के कारण संकट में हैं। नमामि गंगे में धन तो बह रहा है, पर गंगा की धारा अविरल और निर्मल नहीं हो पा रही है।