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यूपी में 13 सीटों पर समीकरणों व चेहरे के चक्कर में उलझी भाजपा, नहीं घोषित किए प्रत्याशी

Thu, 04 Apr 2019 11:22 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 04 Apr 2019 11:22 AM IST
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BJP could not declare 13 candidates in uttar pradesh.

उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 13 सीटों पर अभी भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा नहीं हो पाई है। इनमें कुछ सीटें समीकरणों में अटकी हैं। वहीं, कुछ पर दमदार चेहरों की तलाश जारी है, जो भाजपा की जीत सुनिश्चित कर सकें। इनमें गोरखपुर और फूलपुर सीटें भी शामिल हैं, जहां भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है।

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लोकसभा चुनाव 2014 में गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ और फूलपुर से केशव मौर्य सांसद निर्वाचित हुए थे। वहीं, जूताकांड को लेकर चर्चा में आए संतकबीरनगर से सांसद शरद त्रिपाठी की सीट पर भी अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि इसके आसपास की सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है।
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गोरखपुर से निर्वाचित सांसद योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2017 में प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद लोकसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। फूलपुर से निर्वाचित हुए सांसद केशव मौर्य ने भी उप मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद लोकसभा की सदस्यता छोड़ दी थी।
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दोनों जगह उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा इन सीटों पर ऐसे प्रत्याशियों के तलाश में मंथन कर रही है, जो इन सीटों के न सिर्फ जातीय गणित के अनुकूल बैठे बल्कि भाजपा का झंडा भी फहरा सकें।

इन नामों की चर्चा

वैसे फूलपुर सीट से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पुत्र, प्रदेश सरकार के काबीना मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और भाजपा विधायक प्रवीण पटेल दावेदार हैं। पार्टी नेतृत्व यहां किसी ऐसे चेहरे पर दांव लगाना चाहता है, जो चुनाव को चर्चा में ला दे। गोरखपुर में भी कई दावेदार मैदान में हैं।

निषाद पार्टी के अध्यक्ष और गोरखपुर से मौजूदा सांसद प्रवीण निषाद सपा छोड़ चुके हैं। उनको भी यहां से लड़ाने की चर्चा है। सूत्र कहते हैं कि भाजपा नेतृत्व चाहता है कि गोरखपुर से चुनाव लड़ने वाला पार्टी के चुनाव चिह्न पर ही लड़े। इसलिए मामला अटका है।

इसके चलते इस विकल्प पर भी बातचीत हो रही है कि निषाद को गठबंधन में शामिल कर कोई और सीट दे दी जाए और गोरखपुर से प्रवीण भाजपा के चुनाव चिह्न पर लड़ लें। इसके अलावा कुछ नाम गोरक्षपीठ से जुड़े हुए भी चर्चा में हैं।

इन सीटों पर भी पर्दा

कलराज मिश्र की सीट देवरिया और उमा भारती की सीट झांसी पर भी भाजपा के उम्मीदवार घोषित नहीं किए गए हैं। मिश्र और उमा भारती चुनाव न लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। जौनपुर से इस समय कृष्णप्रताप सिंह, अंबेडकरनगर से हरिओम मिश्र, लालगंज से नीलम सोनकर, बांदा से भैरौ प्रसाद मिश्र सांसद और घोसी से हरिनारायण राजभर को भी चुनाव लड़ाने या न लड़ाने का फैसला अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसके अलावा राबर्टसगंज सीट से इस समय भाजपा के छोटेलाल खरवार सांसद हैं।

इस बार यह सीट अपना दल ने अपने लिए मांग ली है और इसकी एवज में पिछली बार मिली सीट प्रतापगढ़ को छोड़ दिया है। प्रतापगढ़ से इस समय अपना दल के कुंवर हरिवंश सिंह सांसद हैं। जाहिर है कि भाजपा को इस सीट पर भी उम्मीदवार का फैसला करना है।

इसके अलावा भदोही से मौजूदा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त को भाजपा ने भरत सिंह की सीट बलिया पर भेज दिया है। भदोही से भी अभी भाजपा उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है।

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