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ईमानदार अफसरों को काम नहीं करने दे रही सरकार
अखिलेश वाजपेई/लखनऊ
Updated Fri, 27 Sep 2013 02:07 AM IST
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भाजपा व कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी पर नौकरशाही का राजनीतिक दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
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यह भी कहा है कि सरकार ईमानदार और अच्छे अधिकारियों को काम नहीं करने दे रही है। साथ ही इन अधिकारियों का मनोबल तोड़ रही है।
भाजपा ने यह आरोप भी लगाया है कि सूबे की समाजवादी पार्टी सरकार को दागियों से परहेज नहीं है। कहा कि जिन मुकुल गोयल को अरुण कुमार की जगह एडीजी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनके खिलाफ 30 हजार कांस्टेबुल भर्ती घोटाले का भी आरोप है।
भाजपा व कांग्रेस दोनों ने आरोप लगाया कि सपा सरकार अधिकारियों को अपनी अंगुलियों पर नचाना चाहती है।
कहा कि मुजफ्फरनगर के एसएसपी प्रवीण कुमार के छुट्टी पर जाने और अरुण कुमार के एडीजी कानून-व्यवस्था के पद से हटने की घटनाएं सामान्य मामला नहीं हैं।
दोनों घटनाओं की जांच की जरूरत है। कांग्रेस ने मांग की है कि राजनेताओं व अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए सीबीआई से जांच कराई जाए।
भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर के एसएसपी को जबरन छुट्टी पर जाने को मजबूर किया गया।
सपा सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते प्रवीण कुमार पर भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने का दबाव डाल रही थी।
पाठक ने यह आरोप भी लगाया कि सपा सरकार लगातार एकपक्षीय कार्रवाई कर रही है। भाजपा को छोड़ सभी को मुजफ्फरनगर जाने दिया गया।
कहा कि एडीजी कानून-व्यवस्था अरुण कुमार को हटाने और एसएसपी प्रवीण कुमार के मेडिकल लीव पर जाने के पीछे असली वजह सरकार के गलत आदेश व दबाव को मानने से इन्कार करना है।
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इस बीच, भाजपा के ही एक अन्य प्रवक्ता डा. चंद्रमोहन ने आरोप लगाया कि मुकल गोयल को एडीजी कानून-व्यवस्था बनाना ईमानदार व निष्पक्ष अधिकारियों का मनोबल तोड़ना है।
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यह आरोप भी लगाया कि सपा सरकार और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दागी अफसरों से परहेज नहीं है। मुकुल गोयल को ही अहम जिम्मेदारी नहीं दी गई है बल्कि मनरेगा घोटाले के आरोपी पंधारी यादव मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात हैं।
उधर, कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने सपा सरकार की रीतिनीति को कठघरे में खड़ा किया। कहा कि यह बात हर आदमी जानता है कि सपा सरकार अपने स्वार्थ की खातिर अधिकारियों का दुरुपयोग करती है।
मुजफ्फरनगर दंगा सरकार की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। मांग की कि मुजफ्फरनगर दंगा में राजनीतिकों और अधिकारियों की भूमिका की सीबीआई जांच होनी चाहिए।