UP: 10 हजार बूथों पर भाजपा की रफ्तार धीमी, बना प्लान!
भाजपा अपने सदस्यता अभियान में उन 10 हजार बूथों पर खास फोकस करेगी, जहां सदस्यता नहीं हुई है या बहुत कम हुई है। इन बूथों पर सदस्यता अभियान चलाने के लिए 13 फरवरी से विस्तारकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें कमजोर बूथों पर भेजकर 20 से 28 फरवरी तक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय सदस्यता प्रभारी डॉ. दिनेश शर्मा व अन्य नेताओं ने सोमवार को यहां गन्ना संस्थान के सभागार में सदस्यता अभियान की समीक्षा की। माथुर ने कहा कि सदस्यता अभियान में उत्तर प्रदेश एक मॉडल के रूप में उभकर सामने आया है।
पूरे देश में सदस्यता अभियान की सफलता के लिए यूपी की चर्चा होती है। इस मौके पर डॉ. दिनेश शर्मा ने सदस्यता अभियान की सफलता के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
साथ ही निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाने पर जोर दिया। कहा, पूरे देश में भाजपा को लेकर जबर्दस्त उत्साह है।
उन्होंने कहा कि 1.40 लाख बूथों में से करीब 10 हजार बूथों पर सदस्यता धीमी है या नहीं हुई है। जिन जिलों में सदस्यता की गति कम है या जिन मंडलों व बूथों में सदस्यता कम हुई, वहां विस्तारक भेजकर सदस्यता अभियान को तेज किया जाएगा। 13 से 20 फरवरी के मध्य विस्तारकों का प्रशिक्षण होगा।
अब इस तरह होगा काम
20 फरवरी से 28 फरवरी के मध्य ये विस्तारक विभिन्न जिलों में जाकर सदस्यता अभियान को गति प्रदान करने का काम करेंगे। साथ ही 8 से 11 तक फरवरी तक सदस्यता के लिए विशेष अभियान चलाकर नए लोगों को पार्टी का सदस्य बनाने का काम होगा।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय सह-सदस्यता प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और राष्ट्रीय मंत्री अरुण सिंह ने भी प्रदेश में सदस्यता अभियान की सफलता के लिए कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
इस दौरान राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल और प्रदेश सदस्यता प्रभारी स्वतंत्र देव सिंह ने भी अपने विचार रखे। बैठक में सभी प्रदेश पदाधिकारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, क्षेत्रीय सदस्यता प्रमुख, जिलाध्यक्षों सहित प्रमुख पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
दागियों की सदस्यता खत्म करेगी भाजपा
डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि 31 मार्च के बाद भाजपा के सदस्यों की समीक्षा की जाएगी। अगर कोई माफिया या गंभीर आरोपों से घिरा व्यक्ति सदस्य बन गया है तो उसकी सदस्यता खत्म कर दी जाएगी। माफिया को चिह्नित करने का काम बूथ स्तर पर होगा और जिला स्तर से ही सदस्यता समाप्त हो जाएगी।