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आरक्षित सीटों पर भाजपा का कब्जा, सपा को बढ़त : अपना दल, सुभासपा, आरएलडी और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दलित उम्मीदवार भी जीते
Sat, 12 Mar 2022 12:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 12 Mar 2022 12:30 AM IST
सार
भाजपा बसपा के जाटव वोट बैंक में सेंध लगाने में भी सफल रही है। जबकि समाजवादी पार्टी ने 2017 की तुलना में आरक्षित वर्ग की 9 सीटें अधिक जीती है। दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाली बहुजन समाज पार्टी को आरक्षित वर्ग की एक भी सीट नहीं मिली है।
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जीत के बाद जश्न...
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विधानसभा चुनाव में आरक्षित वर्ग की 86 में से 65 सीटों पर भाजपा गठबंधन का कब्जा रहा है। भाजपा बसपा के जाटव वोट बैंक में सेंध लगाने में भी सफल रही है। जबकि समाजवादी पार्टी ने 2017 की तुलना में आरक्षित वर्ग की 9 सीटें अधिक जीती है। दलित वोट बैंक की राजनीति करने वाली बहुजन समाज पार्टी को आरक्षित वर्ग की एक भी सीट नहीं मिली है।
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भाजपा ने विधानसभा चुनाव के एक वर्ष पहले ही दलित वोट बैंक पर कब्जा जमाने की तैयारी शुरू कर दी थी। पार्टी ने बसपा के जाटव वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य का इस्तीफा दिलाकर उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया। बेबीरानी को बसपा सुप्रीमो मायावती के मुकाबले खड़ा करने के लिए चुनाव से पहले प्रदेश में उनकी करीब 90 सभाएं कराई गई।
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पार्टी ने जाटव वोट बैंक के लिए ही पूर्व एडीजी असीम अरुण को भी कन्नौज सदर से चुनाव लड़ाया। भाजपा गठबंधन ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 84 सीटों के सापेक्ष एससी वर्ग के 85 उम्मीदवारों को टिकट दिया था। पार्टी ने दलित वर्ग की अन्य जातियों को साधने के लिए पासी, कोरी, धोबी, खटीक, वाल्मीकि, बेलदार, नट, धनगर, धानुक उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा था।
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आगरा ग्रामीण से बेबीरानी मौर्य, कन्नौज सदर से असीम अरुण, आगरा कैंट से जीएस धर्मेश, मनकापुर से रमापति शास्त्री सहित भाजपा के 62 उम्मीदवार जीते है। जबकि भाजपा की सहयोगी अपना दल के भी तीन उम्मीदवार आरक्षित सीटों से जीते है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित दोनों सीटों पर भी भाजपा का कब्जा रहा है। ओबरा से भाजपा के संजीव गोंड और दुद्धी से रामदुलार गौंड चुनाव जीते है। उल्लेखनीय है कि 2017 में भाजपा ने एससी के लिए आरक्षित 69 और एसटी की एक सीट पर जीत दर्ज की थी।
2017 में सपा ने एससी के लिए आरक्षित सीटों में केवल 7 सीटों पर ही चुनाव जीता था। 2022 में सपा ने एससी के लिए आरक्षित 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। सपा को आरक्षित सीटों पर 9 सीटों की बढ़त मिली है। बाबागंज सुरक्षित सीट से जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के विनोद सरोज चुनाव जीते है। पुरकाजी सुरक्षित सीट से राष्ट्रीय लोक दल के अनिल कुमार, जखनियां सुरक्षित सीट से सुभासपा की बेदी ने चुनाव जीता है।
भाजपा की 11 दलित महिलाएं चुनाव जीती
खुर्जा से मीनाक्षी सिंह, आगरा कैंट से बेबीरानी मौर्य, श्रीनगर से मंजू त्यागी, कायमगंज से डॉ. सुरभि, सलेमपुर से विजयलक्ष्मी गौतम, रसूलाबाद से पूनम शंखवार, घाटमपुर से सरोज कुरील, नैनी से ओममनी वर्मा, खागा से कृष्णा पासवान, बलहा से सरोज सोनकर और चंदौसी से गुलाब देवी ने चुनाव जीता है।
जगपाल सिंह चुनाव हारे
भाजपा ने पहले चरण में ही सहारनपुर सामान्य सीट पर जाटव समाज के जगपाल सिंह को चुनाव मैदान में उतारकर दलित वोट बैंक में संदेश देने की कोशिश की थी। लेकिन जगपाल सिंह सपा के आशु मलिक से चुनाव हार गए।