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भाजपा व बसपा के बर्खास्त विधायकों पर गिरेगी गाज

Fri, 30 Jan 2015 11:01 PM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 30 Jan 2015 11:01 PM IST
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BJP and BSP MLA to be punished.

ठेकेदारी में विधायकी गंवाने वाले बसपा के उमाशंकर सिंह व भाजपा के बजरंग बहादुर से लगभग 51 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। इतना ही नहीं निर्वाचन व शपथ लेने की तिथि से विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने से दोनों को पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।

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जबकि बतौर विधायक लिए गए वेतन-भत्ते और अन्य सुविधाओं के एवज में भुगतान की वसूली की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होगी।

विधानसभा सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस की वजह से 2 फरवरी तक तो इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो पाएगी। इसके बाद ही दोनों के बर्खास्तगी संबंधी राज्यपाल के आदेश को विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के पास भेजा जाएगा।
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विधायकों की सदस्यता समाप्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी करने के साथ ही रसड़ा और फरेंदा विधानसभा सीटों के रिक्त होने की सूचना चुनाव आयोग को भेजी जाएगी।

इसके बाद इरला चेक विभाग से इन्हें विधायक के रूप में अब तक किए गए समस्त भुगतान का ब्यौरा मंगाकर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से धनराशि की वसूली का आदेश जारी किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर ही सरकार दोनों से वसूली की कार्यवाही शुरू करेगी।

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लाखों की देनदारी है दोनों विधायकों पर

BJP and BSP MLA to be punished.

सूत्रों के अनुसार विधायक के रूप में उमा शंकर सिंह ने 34 महीने और बजरंग बहादुर ने 27 महीने तक वेतन, भत्ते, टेलीफोन व यात्रा कूपन प्राप्त किया है।

उमा शंकर सिंह पर 28 लाख और बजरंग बहादुर पर लगभग 23 लाख रुपये की देनदारी का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रूप से गणना होने पर धनराशि में अंतर हो सकता है। इन्हें बकाया वसूली की नोटिस भेजते समय अंतिम रूप से गणना कराई जाएगी।

दो ही सूरत में मिल सकती है राहत

सूत्रों का कहना है कि बर्खास्त विधायकों को दो ही स्थितियों में विधायक के रूप में लिए गए वेतन-भत्तों और अन्य सुविधाओं के  एवज में प्राप्त की धनराशि की देनदारी से छूट मिल सकती है। पहला यह कि इन्हें बर्खास्तगी पर कोर्ट से स्टे मिल जाए और दूसरा यह कि राज्य सरकार चाहे तो यह देनदारी माफ कर सकती है।

विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन-भत्ते व सुविधाएं
वेतन-भत्ता--60 हजार रुपये प्रति माह
टेलीफोन व्यय--6000 रुपये प्रति माह
यात्रा कूपन--दो लाख रुपये सालाना
विधानसभा कार्यवाही के दौरान दैनिक भत्ता--700 रुपये

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