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लखनऊ : बाइक बोट घोटाले का आरोपी जेल में, फिर भी घोषित कर दिया इनाम
Mon, 07 Mar 2022 05:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 07 Mar 2022 05:35 AM IST
सार
वांछित लोकेंद्र को 27 जनवरी को एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार, शासन ने घोषित कर दिया पांच लाख का इनाम।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाइक बोट घोटाले में तीन दिन पहले जिन चार वांछितों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है, उसमें से एक आरोपी बीते 38 दिनों से जेल में है। यानी जो व्यक्ति जेल के अंदर है उस पर भी शासन ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार 3 मार्च को शासन ने बाइक बोट घोटाले में वांछित चार आरोपियों दीप्ति बहल, लोकेंद्र सिंह, भूदेव और विजेंद्र सिंह हुड्डा पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। यह इनाम अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से घोषित किया गया था। इसमें बुलंदशहर के रहने वाले लोकेंद्र सिंह को यूपी एसटीएफ ने 27 जनवरी को ही मथुरा से गिरफ्तार किया था।
हालांकि शासन के अधिकारियों का कहना है कि डीजी आर्थिक अपराध अनुसंधान की ओर से 24 जनवरी को भेजे गए पत्र के आधार पर आरोपियों पर इनाम 50 हजार रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है। एसटीएफ ने लोकेंद्र की गिरफ्तारी 27 जनवरी को की थी, लेकिन इसकी सूचना आर्थिक अनुसंधान के अधिकारियों द्वारा शासन को नहीं दी गई। जिसकी वजह से गिरफ्तारी के बाद भी लोकेंद्र पर इनाम घोषित कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार 3 मार्च को शासन ने बाइक बोट घोटाले में वांछित चार आरोपियों दीप्ति बहल, लोकेंद्र सिंह, भूदेव और विजेंद्र सिंह हुड्डा पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। यह इनाम अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से घोषित किया गया था। इसमें बुलंदशहर के रहने वाले लोकेंद्र सिंह को यूपी एसटीएफ ने 27 जनवरी को ही मथुरा से गिरफ्तार किया था।
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हालांकि शासन के अधिकारियों का कहना है कि डीजी आर्थिक अपराध अनुसंधान की ओर से 24 जनवरी को भेजे गए पत्र के आधार पर आरोपियों पर इनाम 50 हजार रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है। एसटीएफ ने लोकेंद्र की गिरफ्तारी 27 जनवरी को की थी, लेकिन इसकी सूचना आर्थिक अनुसंधान के अधिकारियों द्वारा शासन को नहीं दी गई। जिसकी वजह से गिरफ्तारी के बाद भी लोकेंद्र पर इनाम घोषित कर दिया गया।
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