Bijnor IED Blast Case: अदालत ने पांच आरोपियों को सुनाई सजा, आतंकियों ने जाटान मोहल्ले में किया था ब्लास्ट
धमाके के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को 9-एमएम की पिस्टल, आईईडी, विस्फोटक पदार्थ, माचिस के बाक्स, लैपटाप, सिम कार्ड के अलावा कपड़ों की तलाशी से रोडवेज बस की टिकटें मिली थीं।
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बिजनौर आईईडी ब्लास्ट मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को सजा सुनाई है। लखनऊ में एनआईए की विशेष अदालत ने बिजनौर में हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में पांच आरोपियों को दोषी पाया है। मामला साल 2014 के सितंबर महीने का है, जब 12 तारीख को मोहल्ला जाटान में विस्फोट हुआ था। धमाका करने वाले बिजनौर के एक मकान में हिंदू नामों से ठहरे हुए थे।
विस्फोट के बाद फरार आतंकियों की तलाश में तीन राज्यों की पुलिस ने शहर में सर्च अभियान चलाया। जवानों ने लोगों को आतंकियों के फोटो दिखाकर कई मोहल्लों में घरों की तलाशी ली। सर्च अभियान में पूना, भोपाल, मेरठ और स्थानीय फोर्स की 48 टुकड़ी रात तक जुटी रहीं।
जाली नोट केस में सात दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा
एक अन्य मामले में बिलासपुर में एनआईए विशेष अदालत ने नकली नोट और स्टांप पेपर के मामले में सात लोगों को दोषी ठहराया है। अदालत ने 2019 के इस मामले में दोषियों को सात-सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 7.39 लाख मूल्य के नकली नोट और स्टांप पेपर सहित अन्य मामलों की बरामदगी से जुड़ा है।
एनआईए ने इस मामले को छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चंपा जिला पुलिस से अपने हाथ में लिया था। एनआईए ने 9 अगस्त, 2019 को नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर आरोपी देवेंद्र चंद्र, मनोज साहू, रोहित भारद्वाज, दिलीप महिलांगे, डोमन मीरी, नोहार सिन्हा और हेमलाल साहू के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।