{"_id":"5b2a91474f1c1b6c4d8b7a92","slug":"big-strike-of-state-employees-in-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य कर्मचारियों ने योगी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, अक्टूबर में महाहड़ताल का किया ऐलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य कर्मचारियों ने योगी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, अक्टूबर में महाहड़ताल का किया ऐलान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 21 Jun 2018 10:05 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए 22 से 24 अक्तूबर तक महाहड़ताल की घोषणा की है। आंदोलन की शुरुआत 19 जुलाई से होगी और 4 अक्तूबर को महारैली आयोजित की जाएगी।
विज्ञापन
दारुलशफा में बुधवार को परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष यदुवीर सिंह, महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार ने कोई पहल नहीं की है। इसके लिए मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
हरि किशोर तिवारी और शिवबरन सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से राज्य कर्मचारियों में विश्वास बढ़ा था कि उनकी लंबित और जायज समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान होगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर लाखों कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं के बारे में बताया तो उन्होंने छह माह का समय मांगा था। सरकार को बने एक साल से अधिक समय बीत गया है लेकिन कर्मचारियों की समस्याएं जस की तस हैं। इसलिए आंदोलन करना मजबूरी हो गया है।
विज्ञापन
11 से 22 नवंबर 2013 की महाहड़ताल और 23 जुलाई 2015 की महारैली की तर्ज पर एक बार फिर परिषद आंदोलन कर रही है। दोनों कर्मचारी नेताओं ने बताया कि जिन 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन करना पड़ रहा है, उनमें से कई मांगों पर उच्चस्तरीय वार्ता के बाद सहमति भी बन चुकी है।
कुछ अधिकारियों की सोची समझी राजनीति और कर्मचारियों के दिल में राज्य सरकार के प्रति अविश्वास पैदा करने के लिए ये आदेश लंबित रखे गए हैं। परिषद का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से लेकर प्रमुख सचिव कार्मिक, प्रमुख सचिव वित्त के साथ भी वार्ता कर चुका है। सभी कर्मचारियों की समस्याओं के बारे में जानते हैं। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।