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प्रिया मौत मामले में सनसनीखेज खुलासा: बंद हो चुकी थीं छात्रा की सांसें, अस्पताल के रिकॉर्ड से झूठ हुआ बेनकाब

Sun, 05 Feb 2023 11:07 AM IST
शाहरुख खान सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 05 Feb 2023 11:07 AM IST
सार

लखनऊ के एसआर स्कूल प्रकरण में अस्पताल के रिकॉर्ड से हॉस्टलवालों का झूठ बेनकाब हो गया है। हॉस्टल प्रशासन रात 9 बजे प्रिया को अस्पताल लेकर पहुंचा था। 9 बजकर 5 मिनट पर मृत घोषित कर दिया था। फिर भी वार्डन और हॉस्टलवाले छात्रा के पिता से झूठ बोलते रहे।

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Big Revealing in Priya Rathore death case student death Hostel administration kept misleading
प्रिया मौत मामले में जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छात्रा प्रिया राठौर की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। घटना की रात 9 बजकर 5 मिनट पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बावजूद जब वार्डन व हॉस्टल प्रशासन से प्रिया के पिता फोन पर बात कर रहे थे तो ये सभी गुमराह कर झूठ बोलते रहे। उन्हें प्रिया की मौत होने की जानकारी नहीं दी और यही दावा करते रहे कि उसका इलाज चल रहा है। 
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अस्पताल के रिकॉर्ड से हॉस्टल प्रशासन का झूठ बेनकाब हुआ है। जालौन निवासी जसराम राठौर की बेटी प्रिया एसआर कॉलेज के हॉस्टल में रहकर आठवीं की पढ़ाई कर रही थी। 20 जनवरी की रात हॉस्टल में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। तबसे पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। 
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हॉस्टल से प्रिया को उस रात बीकेटी के साढ़ामऊ स्थित राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया था। अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक 20 जनवरी की रात 9 बजे प्रिया को लाया गया था। वहीं, 9 बजकर 5 मिनट पर डॉक्टर ने प्रिया को देखकर मृत घोषित कर दिया था। ये सभी तथ्य अस्पताल के रजिस्टर में दर्ज हैं।
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पुलिस ने दी मौत की जानकारी
जसराम के मुताबिक उनके पास वार्डन की पहली कॉल उस रात 9 बजकर 4 मिनट पर आई। तब उन्होंने कहा, प्रिया गिर गई है। वह उसे लेकर अस्पताल जा रही हैं। जसराम ने रात 9:15 बजे दोबारा कॉल की, तब वार्डन ने कहा, आप लोग अस्पताल आ जाइए। रात 9:19 बजे कॉल कर जसराम ने अस्पताल का नाम पूछा तो वार्डन ने नहीं बताया। 

रात 9:29 बजे फिर कॉल की तब अस्पताल का नाम बताया। रात 9:45 बजे बात हुई तो भी वार्डन ने यही कहा कि आप अस्पताल आइए। जसराम ने पूछा कि प्रिया का इलाज चल रहा है तो वार्डन ने हामी भरकर कॉल कट कर दी थी। इसके 15 मिनट बाद करीब 10 बजे पुलिसकर्मी ने जसराम को कॉल कर प्रिया की मौत की जानकारी दी। स्पष्ट है कि डॉक्टर इसके करीब 55 मिनट पहले प्रिया को मृत घोषित कर चुके थे, लेकिन वार्डन ने यह बात जसराम को नहीं बताई, जबकि वह लगातार उनसे फोन पर बात कर रही थी।

 

अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई थी मौत
जैसे ही डॉक्टर ने प्रिया को देखा, तत्काल बता दिया कि प्रिया की मौत हो चुकी है। इसके बाद शव अस्पताल में रख दिया गया। जानकारी के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहली ही प्रिया दम तोड़ चुकी हैं। चूंकि इसके पहले डॉक्टरों ने नहीं देखा था, लिहाजा आधिकारिक तौर पर यह कहना संभव नहीं था। उधर, पुलिस ने कई मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकलवाई है। इनमें से एक-एक की डिटेल खंगाली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक स्कूल के एक छात्र से भी पूछताछ की गई है। हालांकि, उससे कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
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