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यूपी से बड़ी ख्ाबर, नहीं खुलेंगे नए स्कूल
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 24 Jan 2014 10:22 AM IST
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उत्तर प्रदेश में अब नए परिषदीय स्कूल नहीं खोले जाएंगे। जितने स्कूल चल रहे हैं, उनमें ही पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।
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बच्चों को कैसी शिक्षा दी जाए, शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति कैसे अनिवार्य की जाए और बदलते युग में उन्हें कैसा प्रशिक्षण दिया जाए जिससे अच्छी शिक्षा मिल सके।
इन सभी बिंदुओं को सर्व शिक्षा अभियान के लिए तैयार किए जा रहे वित्तीय वर्ष 2014-15 के प्रस्ताव में शामिल किया जा रहा है। स्कूलों की स्थिति में सुधार की भी कार्ययोजना बनाई जा रही है।
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मसलन स्कूलों में हैंडपंप लगाने, चारदीवारी बनाने व छात्र संख्या बढ़ाने पर अतिरिक्त क्लास रूम बनाने का प्रस्ताव शामिल किया जा रहा है।
केंद्र सरकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत राज्यों से प्रस्ताव मांगती है। इसमें स्कूल खोलने, इनमें पढ़ने वालों को सुविधाएं देने, स्थाई शिक्षकों की भर्ती हो या शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाया जाए, इसका प्रस्ताव भेजा जाता है।
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सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय में मौजूदा समय बजट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ जिलेवार अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
इसमें इस बार सारा ध्यान स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था में सुधार करना है। जिले के अधिकारियों से कह दिया गया है कि इस बार प्रस्ताव में नए स्कूल खोलने को शामिल नहीं किया जाएगा।
जिलेवार जो भी प्रस्ताव आएंगे, वे सिर्फ पुराने स्कूलों के रख-रखाव और बच्चों की सुविधाओं से संबंधित होंगे। केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भेजे गए दिशा-निर्देश में भी यह स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
नए स्कूल खोलने के स्थान पर पुराने स्कूलों में व्यवस्था सुधारने पर अधिक जोर दिया जाएगा। केंद्र ने पिछले साल भी यूपी के लिए एक भी नया स्कूल मंजूर नहीं किया था।
पिछले साल राज्य परियोजना निदेशालय ने 2731 नए परिषदीय स्कूल और 339 स्कूलों को कंप्यूटर विद्यालय के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे खारिज कर दिया गया था।