सातवें द्वार पर घिरे कई दिग्गज: कई मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर, सत्तापक्ष व विपक्ष के शीर्ष नेतृत्व ने झोंकी ताकत
सातवें चरण के चुनाव में कई मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। इसके लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के शीर्ष नेताओं ने पूरा जोर लगा दिया है।
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सातवें द्वार के चक्रव्यूह को कौन भेदेगा, इस सवाल को लेकर सबके मन में उत्सुकता तो है ही, वहीं इस द्वार पर घिरे दिग्गजों पर भी सबकी नजरें हैं। महारथियों के साथ ही सेनापतियों की साख भी कसौटी पर है। जोर-आजमाइश चल रही है। किसका कितना रंग चढ़ा, ये तो 10 मार्च को पता चलेगा, पर इतना तो स्पष्ट है कि मुकाबला बेहद मजेदार और रोमांचक है।
आजमगढ़ के किले में सेनापति अखिलेश का होगा इम्तिहान
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आजमगढ़ के सांसद हैं। ऐसे में यहां उनका भी इम्तिहान होगा। जिले की 10 विधानसभा सीटों में पांच पर सपा, चार पर बसपा और एक पर भाजपा काबिज है। बदले समीकरण में फूलपुर पवई के भाजपा विधायक अरुणकांत यादव चुनाव मैदान से बाहर हैं। यहां उनके पिता बाहुबली पूर्व सांसद रमाकांत यादव सपा के टिकट पर मैदान में हैं। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के सामने भाजपा के टिकट पर ताल ठोकने वाले पूर्व सांसद रमाकांत यादव अब विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने बसपा ने शकील अहमद तो भाजपा ने रामसूरत को मैदान में उतारा है।
दुर्गा के सामने दुर्ग बचाए रखने की चुनौती
आजमगढ़ सदर से आठ बार विधायक रहे पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव के सामने भी अपना गढ़ बचाए रखने की चुनौती है। उनके सामने बसपा ने सुशील कुमार सिंह और भाजपा ने अखिलेश कुमार मिश्रा को मैदान में उतारा कर विजय रथ रोकने की पुख्ता रणनीति अपनाई है। इसी तरह मेहनगर में सपा ने विधायक कल्पनाथ पासवान का टिकट काट कर पूजा को मैदान मे उतारा है। यहां बसपा ने पंकज कुमार और भाजपा ने मंजू सरोज को उतारा है। पूजा की हार जीत के आधार पर सपा के शीर्ष नेतृत्व के फैसले की भी अग्निपरीक्षा होगी। क्योंकि, कल्पनाथ का टिकट कटने के बाद सपा का एक खेमा विरोध में उतर गया था, जिसे मनाने की निरंतर कोशिश की गई।
मल्हनी में मुलायम सिंह की साख की होगी परीक्षा
जौनपुर की नौ में से चार सीट पर भाजपा, एक पर अपना दल, तीन पर सपा, एक पर बसपा का कब्जा रहा है। यहां की मल्हनी विधानसभा सीट पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के शागिर्द पारसनाथ यादव के बेटे एवं सपा विधायक लकी यादव मैदान में हैं। उनके सामने जदयू से बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह ताल ठोक रहे हैं, तो भाजपा ने पूर्व सांसद केपी सिंह को मैदान में उतारा है। मुलायम सिंह करहल के बाद मल्हनी में जनसभा कर इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ दिया है। वर्ष 2017 में भी उन्होंने जसवंतनगर और मल्हनी में जनसभा की थी।
पीएम मोदी ने गिरीश यादव से जोड़ा खुद का मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जौनपुर सदर से भाजपा विधायक व राज्य मंत्री गिरीश यादव से खुद का मान जोड़ दिया है। यहां सपा ने पूर्व विधायक अरशद खां, कांग्रेस ने पूर्व विधायक नदीम जावेद और बसपा ने सलीम खान को मैदान में उतारा है। राज्यमंत्री खुद के विकास कार्यों और मोदी-योगी के नाम पर मैदान में डटे हुए हैं।
दारा सिंह चौहान के सामने है चुनौती
वन मंत्री रहे दारा सिंह चौहान ऐन मौके पर न सिर्फ दल बदल दिए, बल्कि अपनी विधानसभा क्षेत्र भी बदल दिया है। वह भाजपा के टिकट पर मऊ की मधुबन से विधायक बने थे, लेकिन चुनाव से ठीक पहले वे सपा में आए और अब घोसी से चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा ने विजय कुमार राजभर तो बसपा ने वसीम इकबाल को मैदान में उतारा है। दूसरी तरफ सपा के पुराने नेता भी बागी तेवर अपनाए हुए हैं। ऐसे मे दारा सिंह चौहान के सामने दोहरी चुनौती है।
...तो आगे बढेगा सुशील का कारवां
चंदौली जिले की सैयदराजा सीट पर भाजपा ने बाहुबली बृजेश सिंह के भतीजे विधायक सुशील सिंह को मैदान में उतारा है। अब चौथी बार मैदान में हैं। यहां बसपा ने अमित कुमार यादव और सपा ने मनोज कुमार को मैदान में उतारकर सुशील के कारवां को रोकने की रणनीति बनाई है। लेकिन भाजपा के दिग्गज नेता सुशील के सहारे पूर्वांचल में अपनी धमक बनाए रखने की रणनीति पर कार्य कर रहे हैं।
जेल से लगा रहे जी जान
भदोही के बाहुबली चेहरों में शुमार ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्रा को इस बार निषाद पार्टी ने टिकट नहीं दिया। चार बार से विधायक विजय मिश्रा जेल से प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के टिकट से मैदान में हैं। यहां निषाद पार्टी ने विपुल दुबे, सपा ने रामकिशोर बिंद एवं बसपा ने उपेंद्र कुमार सिंह को मैदान में उतार दिया है।
मोदी के क्षेत्र में तीन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में तीन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। यहां शिवपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर को मैदान में उतारा है। इनके जरिए पूर्वांचल में राजभर वोटबैंक को सहेजने की कोशिश है। दूसरी तरफ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर भी मैदान में हैं। बसपा से रवि मौर्य मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं। इस सीट के जरिये यह संदेश जाएगा कि जातीय राजनीति की बिसात पर राजभर किसके साथ हैं। वाराणसी दक्षिण से भाजपा ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नीलकंठ तिवारी को मैदान में उतारा है। यहां सपा ने कामेश्वर दीक्षित और बसपा ने दिनेश कसौधन पर दांव लगाया है। इसी तरह वाराणसी उत्तरी से राज्यमंत्री रविंद्र जासवाल के सामने सपा ने अशफाक और बसपा ने श्याम प्रकाश को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय करने का प्रयास किया है।