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चुनाव से पहले गांवों के लिए बड़ी सौगात :पीएमजीएसवाई में बनेंगी 8249 किमी सड़कें, 5918.44 करोड़ मंजूर
Mon, 15 Nov 2021 10:28 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/सचिन मुद्गल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/सचिन मुद्गल
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 15 Nov 2021 10:28 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी सौगात देते हुए 1078 मार्गों के निर्माण के लिए 5918.44 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
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सड़क का प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-3 के द्वितीय चरण में प्रदेश के सभी जिलों में 8,249 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी। केंद्र सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी सौगात देते हुए 1,078 मार्गों के निर्माण के लिए 5,918.44 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
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इस योजना के तहत प्रदेश में 2024 तक 18,937.50 किमी सड़कों का निर्माण किया जाना है। पहले चरण में केंद्र ने 4,177.80 करोड़ रुपये की लागत से 6,287 किमी सड़कों की स्वीकृति दी थी। इससे 898 मार्ग व पांच पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। उप्र. ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ने दूसरे चरण में करीब 9,000 किमी सड़कों का प्रस्ताव दिया था। इस पर केंद्र ने 8,249 किमी लंबी सड़कों का प्रस्ताव मंजूर किया है। सड़कों का निर्माण पीडब्ल्यूडी व उप्र. ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जरिये कराया जाएगा।
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एफडीआर तकनीक से बनेंगी 153 सड़कें
योजना में 18 जिलों की 1,251 किमी की 153 नई सड़कों का निर्माण फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से किया जाएगा। सड़क विकास अभिकरण के अधिकारी डीडी पाठक ने बताया कि इस तकनीक में सड़क बनाने के लिए नई गिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता है बल्कि वहां उपलब्ध गिट्टी में ही मिट्टी, सीमेंट और एडिटिव रसायन मिलाकर सड़क बनाई जाती है। इससे पर्यावरण संरक्षण होता है और लागत भी कम आती है।
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2022 तक पूरा कर लिया जाएगा लक्ष्य
पाठक का कहना है कि 18,937 किमी सड़क निर्माण के लक्ष्य में से पहले और दूसरे चरण में 14,536.37 किमी सड़कों के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। शेष के लिए भी प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। 2022 तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।